तालाब किनारे से अगवा कर दरोगा और यूट्यूबर ने की दरिंदगी
कानपुर | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ‘खाकी’ के चेहरे पर भी कालिख पोत दी है। एक बेबस युवती ने पुलिस के दरोगा और एक रसूखदार यूट्यूबर पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता की आपबीती सुनकर हर किसी का कलेजा कांप उठा है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए आला अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है और दोषियों पर ऐसी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जो नजीर बन सके।
शौच के लिए गई थी युवती, काली स्कॉर्पियो ने घेरा
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में उस काली रात का खौफनाक मंजर बयां किया है। पीड़िता ने बताया, “मैं रात के समय टॉयलेट (शौच) के लिए घर के पीछे करीब 200 मीटर दूर स्थित तालाब की ओर गई थी। सन्नाटा था, तभी अचानक एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी वहां आकर रुकी। गाड़ी से दो लोग नीचे उतरे। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती या शोर मचा पाती, उन्होंने मुझे दबोच लिया और घसीटते हुए गाड़ी के अंदर खींच ले गए।”
45 मिनट तक ‘दरिंदगी’ का नंगा नाच
पीड़िता के अनुसार, गाड़ी के अंदर ले जाने के बाद उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दी गईं। उसने बताया कि आरोपियों में से एक क्षेत्र का दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) था और दूसरा खुद को बड़ा यूट्यूबर बता रहा था। पीड़िता ने रोते हुए बताया, “यूट्यूबर ने मेरा मुंह कसकर दबा रखा था ताकि मेरी आवाज बाहर न जा सके, जबकि दरोगा ने मेरे पैर पकड़ रखे थे। करीब 45 मिनट तक उन दोनों ने बारी-बारी से मेरे साथ दरिंदगी की। मैं गिड़गिड़ाती रही, रहम की भीख मांगती रही, लेकिन उन्हें दया नहीं आई।”
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
खाकी पर दाग: रक्षक ही बना भक्षक
इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और डरावनी बात एक पुलिस अधिकारी की संलिप्तता है। पुलिस, जिसकी जिम्मेदारी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, उसी का एक जिम्मेदार दरोगा इस घिनौने कृत्य में शामिल पाया गया। पीड़िता का आरोप है कि रसूख और वर्दी के नशे में चूर इन दरिंदों ने कानून को अपने पैरों तले रौंद दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख
कानपुर की इस घटना की गूँज लखनऊ तक पहुँचते ही हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डीजीपी और कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और पूछा कि “रक्षक भक्षक कैसे बन गए?”
सीएम योगी ने दो टूक निर्देश दिए हैं:
- आरोपियों पर तत्काल गैंगरेप की धाराओं के साथ-साथ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
- दोषी दरोगा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
क्षेत्र में भारी तनाव, पुलिस प्रशासन में खलबली
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। कानपुर पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा।
कानपुर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, “अपराधी चाहे कोई भी हो, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे है। वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।”
निष्कर्ष: सिस्टम पर बड़ा सवाल
यह घटना न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ा धक्का है। जब कोई युवती अपने घर के पास भी सुरक्षित नहीं है और अपराधी खुद कानून के रखवाले हों, तो जनता का भरोसा किस पर रहेगा? पीड़िता द्वारा बयां की गई 45 मिनट की वह हैवानियत समाज के माथे पर कलंक है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पीड़ित को समय पर न्याय मिल पाएगा या रसूख की ताकत इस मामले को भी दबाने की कोशिश करेगी।
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