कानपुर पुलिस का खौफ: महिला सिपाही से लूट करने वाले का निकाला जुलूस, बदमाश बोला- “साहब! कानपुर छोड़ दूँगा, एनकाउंटर मत करना”

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में अपराधियों के भीतर पुलिस का इकबाल किस कदर बुलंद है, इसकी एक बानगी बुधवार को शहर की सड़कों पर देखने को मिली। एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर लुटेरे ने एनकाउंटर के डर से न केवल सरेंडर कर दिया, बल्कि पुलिस की कस्टडी में हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता नजर आया। पुलिस ने जब उसका ‘पैदल जुलूस’ निकाला, तो बदमाश की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दरोगा जी उसे सख्त लहजे में चेतावनी देते दिख रहे हैं— “कान पकड़, वरना मारकर गिरा देंगे।”

वर्दी पर हाथ डालना पड़ा भारी

बीते दिनों कानपुर में एक महिला पुलिसकर्मी के साथ लूट की घटना हुई थी, जिसने पुलिस विभाग की साख को चुनौती दी थी। पुलिस की इज्जत का सवाल बनते ही आलाधिकारियों ने लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया था। पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और सक्रियता देख आरोपी इतना डर गया कि उसे अपनी जान की चिंता सताने लगी। उसे लगा कि पुलिस उसका ‘फुल एंड फाइनल’ हिसाब (एनकाउंटर) कर देगी। इसी डर के मारे बुधवार को बदमाश ने पुलिस के सामने घुटने टेक दिए।

सड़क पर ‘ऑन द स्पॉट’ सबक

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को वारदात वाली जगह की तस्दीक कराने और अपराधियों में भय पैदा करने के लिए उसका पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान जो नजारा दिखा, वह चर्चा का विषय बन गया है। लुटेरा अपने कान पकड़कर सड़क पर चल रहा था और बार-बार माफी मांग रहा था।

वायरल वीडियो में एक दरोगा जी उसे कड़े तेवर में निर्देश दे रहे हैं। दरोगा जी चिल्लाकर कहते हैं, “ठीक से कान पकड़, सीधा चल… वरना यहीं मारकर गिरा देंगे।” इस पर थर-थर कांपता बदमाश रोते हुए कहता है, “साहब! गलती हो गई, अब कभी अपराध नहीं करूँगा। मुझे छोड़ दीजिए, मैं कानपुर ही छोड़ दूँगा।”

अपराधियों में ‘ऑपरेशन क्लीन’ का डर

कानपुर पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि खाकी पर हाथ डालने वाले या शहर की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों का अंजाम क्या होगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब लुटेरे का जुलूस निकाला जा रहा था, तो लोग अपनी छतों और दुकानों से बाहर निकलकर देख रहे थे। पुलिस का यह ‘ट्रीटमेंट’ उन अपराधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो आम जनता और पुलिस को निशाना बनाने की जुर्रत करते हैं।

पुलिस का पक्ष: “अपराध मुक्त कानपुर है लक्ष्य”

मामले पर टिप्पणी करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला कॉन्स्टेबल से लूट एक गंभीर मामला था। आरोपी की पहचान के बाद से ही टीमें उसके पीछे लगी थीं। बदमाश ने दबाव में आकर सरेंडर किया है। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर पैदा करना है ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हिमाकत न कर सके। आरोपी के पास से लूटा गया सामान बरामद करने की प्रक्रिया जारी है और उसे कड़ी कानूनी धाराओं के तहत जेल भेजा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

जुलूस का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अपराधियों का इसी तरह सार्वजनिक तौर पर अपमान होना चाहिए ताकि अपराध करने से पहले उनकी रूह कांप जाए। वहीं कुछ लोगों ने इसे ‘कानपुर स्टाइल जस्टिस’ करार दिया है।

ट्रुथ इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट: यह घटना दर्शाती है कि जब पुलिस अपनी सख्ती पर आती है, तो बड़े से बड़ा अपराधी भी शहर छोड़ने की कसमें खाने लगता है। महिला सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का ही परिणाम है कि आज लुटेरे एनकाउंटर के खौफ से खुद ही थाने पहुँच रहे हैं।

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