हुड़दंगियों को पुलिस कमिश्नर की सीधी चेतावनी
प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर: साल 2025 की अंतिम शाम और 2026 के भव्य स्वागत के लिए औद्योगिक नगरी कानपुर पूरी तरह तैयार है। जहाँ एक ओर शहर के मॉल, होटल और क्लब रोशनी से जगमगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानपुर पुलिस सड़कों पर ‘ऑल आउट’ मोड में उतर आई है। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के नेतृत्व में शहर के संवेदनशील और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह पुलिसिया सख्ती केवल एक रात की रस्म है, या शहर की सड़कों को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने का कोई दीर्घकालिक खाका भी है?
पुलिस कमिश्नर की पैदल गश्त: ग्राउंड जीरो पर चौकसी
मंगलवार देर शाम से ही कानपुर के वीआईपी रोड, जाजमऊ, स्वरूप नगर, गुमटी और आर्य नगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस का फ्लैग मार्च शुरू हो गया। पुलिस कमिश्नर ने स्वयं भारी पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों और होटल मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समय सीमा के भीतर ही कार्यक्रम समाप्त किए जाएं और शोर-शराबे (ध्वनि प्रदूषण) के मानकों का उल्लंघन न हो।
पुलिस की इस मुस्तैदी का असर सड़कों पर भी दिखा। विशेष रूप से युवाओं की ‘बुलेटबाजी’ और तेज रफ्तार ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए इंटरसेप्टर गाड़ियां तैनात की गई हैं।
ट्रिपलिंग और स्टंटबाजी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
कानपुर पुलिस ने इस बार दोपहिया वाहनों पर विशेष नजर रखी है। अभियान के दौरान:
- ट्रिपलिंग पर सख्त एक्शन: चेकिंग के दौरान तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। कई बाइकर्स की मोटरसाइकिलें मौके पर ही सीज कर दी गईं।
- शराब पीकर ड्राइविंग (DUI): प्रमुख चौराहों पर ‘ब्रेथ एनालाइजर’ के साथ टीमें मुस्तैद हैं। पुलिस ने साफ किया है कि नशे में गाड़ी चलाने वालों को हवालात की हवा खानी होगी और उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
- हुड़दंगियों पर नजर: सेलिब्रेशन की आड़ में महिलाओं के साथ छींटाकशी या सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों को चिन्हित करने के लिए सादे कपड़ों में ‘एंटी-रोमियो स्क्वाड’ और खुफिया टीमें सक्रिय हैं।
‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ के जरिए सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल
जश्न के बीच सुरक्षा के दावों पर सरकार की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है:
- स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी या केवल शोपीस? कानपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला है और चप्पे-चप्पे पर कैमरे लगाने का दावा किया गया है। क्या ये कैमरे कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम मॉनिटर किए जा रहे हैं? अक्सर बड़ी वारदातों के समय कैमरे खराब मिलने की खबरें सरकार की तकनीक पर सवाल उठाती हैं।
- परिवहन व्यवस्था और जाम का संकट: नए साल पर कानपुर की सड़कों पर भारी जाम लगना तय है। क्या प्रशासन ने केवल चेकिंग के अलावा ‘पार्किंग मैनेजमेंट’ और ‘ट्रैफिक डायवर्जन’ के लिए कोई ऐसा ठोस प्लान बनाया है जिससे आम नागरिक घंटों जाम में न फंसे?
- सार्वजनिक सुरक्षा का स्थायी मॉडल: क्यों ऐसी सघन चेकिंग केवल 31 दिसंबर को ही दिखती है? कानपुर में बढ़ते अपराध और लूटपाट की घटनाओं को देखते हुए क्या इस तरह की ‘हाई-अलर्ट’ पुलिसिंग साल भर संभव नहीं है?
- होटल और पबों की फायर सेफ्टी: सेलिब्रेशन के लिए जिन स्थलों पर हजारों की भीड़ जुट रही है, क्या उनके फायर एनओसी (NOC) और इमरजेंसी एग्जिट की हाल ही में जांच की गई है?
चप्पे-चप्पे पर ड्रोन और पीएसी की तैनाती
शहर के उन हिस्सों में जहाँ अधिक भीड़ जुटने की संभावना है, वहाँ ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। पीएसी (PAC) की अतिरिक्त टुकड़ियों को शहर के प्रवेश द्वारों पर तैनात किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर को कई जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहाँ मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
जनता के लिए सलाह और पुलिस का संकल्प
पुलिस विभाग ने कानपुरवासियों से अपील की है कि वे जश्न मनाएं लेकिन दूसरों की असुविधा का कारण न बनें। “सेलिब्रेट रिस्पॉन्सिबली” के संदेश के साथ पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि कोई भी अप्रिय घटना शहर की खुशियों को फीका न करे।
निष्कर्ष: जवाबदेही की दरकार
कानपुर पुलिस की यह सक्रियता सराहनीय है और इससे नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। लेकिन सरकार को यह समझना होगा कि सुरक्षा केवल पुलिस की संख्या बढ़ाने से नहीं, बल्कि एक जवाबदेह सिस्टम और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर से आती है। उम्मीद है कि कानपुर की सड़कों पर यह अनुशासन नए साल की पहली सुबह के बाद भी बरकरार रहेगा।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स के लिए प्रलभ शरण चौधरी की विशेष रिपोर्ट।
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