झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट
कानपुर | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में मंगलवार की शाम मौसम ने अचानक करवट बदल ली। पूरे दिन बादलों की आवाजाही और उमस भरे माहौल के बीच देर शाम करीब 6:50 बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तेज़ बारिश में तब्दील हो गई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बारिश का यह सिलसिला 28 जनवरी की दोपहर तक जारी रह सकता है और शहर के कुछ हिस्सों में ओले (Hailstorm) गिरने की भी प्रबल आशंका है।
इन इलाकों में शुरू हुई बारिश
शाम ढलते ही शहर के मोतीझील, गोल चौराहे, बेनाझाबर और गुमटी नंबर पांच जैसे व्यस्त इलाकों में बारिश ने दस्तक दी। इसके कुछ ही देर बाद कल्याणपुर, सनिगवां, और साउथ सिटी के बर्रा व गोविंद नगर इलाकों में भी तेज़ फुहारें पड़ने लगीं। अचानक हुई इस बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे दोपहिया वाहन सवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग सिर छिपाने के लिए मेट्रो स्टेशनों और दुकानों के शेड के नीचे शरण लेते नज़र आए।
क्यों बदला अचानक मौसम?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसी का असर कानपुर और आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार की सुबह से ही सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा था, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हवाओं की दिशा बदलने से नमी बढ़ गई है, जो बारिश और ओलावृष्टि के लिए अनुकूल स्थितियां पैदा कर रही है।
28 जनवरी के लिए ‘येलो अलर्ट’
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे कानपुरवासियों के लिए भारी पड़ सकते हैं। बुधवार यानी 28 जनवरी की दोपहर तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं। सबसे बड़ी चिंता ओलावृष्टि को लेकर है। अगर ओले पड़ते हैं, तो यह न केवल आम जनजीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि फसलों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
खेती-किसानी पर संकट के बादल
अचानक हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान में खेतों में सरसों और गेहूं की फसलें तैयार हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश गेहूं के लिए तो ठीक है, लेकिन अगर तेज़ हवाओं के साथ ओले पड़े या पानी खेतों में जमा हुआ, तो सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। सनिगवां और कल्याणपुर के बाहरी इलाकों के किसान अपनी फसलों को लेकर डरे हुए हैं।
बिजली आपूर्ति और ट्रैफिक पर असर
बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली की आवाजाही भी शुरू हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से कई फीडरों को बंद कर दिया गया ताकि जलभराव की स्थिति में करंट का खतरा न रहे। वहीं, मोतीझील और गुमटी जैसे इलाकों में फिसलन के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है। नगर निगम को भी अलर्ट किया गया है ताकि बारिश के कारण होने वाले जलभराव की समस्या से तुरंत निपटा जा सके।
डॉक्टरों की सलाह: सेहत का रखें ख्याल
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर सेहत पर पड़ सकता है। ‘Truth India Times’ के माध्यम से प्रलभ शरण चौधरी पाठकों को सलाह देते हैं कि इस बारिश में भीगने से बचें। अचानक बढ़ी नमी और ठंडक के कारण सर्दी, खांसी और बुखार (Seasonal Flu) का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
कानपुर में मौसम का यह मिजाज अभी कुछ घंटों तक जारी रहने वाला है। 28 जनवरी की दोपहर के बाद ही आसमान साफ होने की उम्मीद है। तब तक प्रशासन और मौसम विभाग की हर चेतावनी पर नजर रखना जरूरी है। बारिश के कारण शहर की रफ़्तार भले ही धीमी पड़ी हो, लेकिन इसने प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट लाकर राहत भी दी है।
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