कानपुर रजिस्ट्री दफ्तर में इनकम टैक्स का बड़ा धमाका: 2500 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी उजागर
कानपुर | प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने शहर के रजिस्ट्री कार्यालय पर अचानक धावा बोल दिया। दोपहर से शुरू हुई यह मैराथन छापेमारी देर रात तक जारी रही, जिसमें विभाग के अधिकारियों ने बेनामी संपत्तियों और टैक्स चोरी के खेल का बड़ा पर्दाफाश किया है। शुरुआती जांच में लगभग 2500 करोड़ रुपये की वित्तीय हेराफेरी और संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले हैं। विभाग ने सैकड़ों ऐसे दस्तावेजों को चिन्हित किया है जिनमें भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।
अघोषित आय का ‘हब’ बना रजिस्ट्री कार्यालय
इनकम टैक्स की इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र वे संपत्तियां रहीं जिनका बाजार मूल्य (Market Value) तो करोड़ों में है, लेकिन उनकी रजिस्ट्री बेहद कम कीमत पर दिखाई गई। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शहर के वीआईपी इलाकों और रिंग रोड के आसपास हुए बड़े भूखंडों के सौदों में भारी मात्रा में ‘कैश’ का इस्तेमाल किया गया है। आईटी टीम ने कंप्यूटर डेटा और फिजिकल फाइलों का मिलान किया, जिसमें 2500 करोड़ रुपये का मिसमैच (अंतर) सामने आया है।
अधूरे दस्तावेज और फर्जी पते का खेल
छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों के सामने सबसे चौंकाने वाली बात यह आई कि सैकड़ों बैनामों (Sale Deeds) में दस्तावेज अधूरे थे।
- पैन कार्ड की अनिवार्यता का उल्लंघन: कई बड़े लेन-देन में पैन कार्ड की जानकारी नहीं दी गई थी या गलत पैन नंबर दर्ज किए गए थे।
- संदिग्ध खरीदार: कई संपत्तियां ऐसे लोगों के नाम पर दर्ज मिलीं जिनका आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं है। अधिकारियों को अंदेशा है कि ये ‘बेनामी’ संपत्तियां हैं, जिनमें सफेदपोशों और भू-माफियाओं का पैसा लगा है।
- अधूरे पते: कई रजिस्ट्री कागजातों में खरीदार और गवाहों के पते अधूरे पाए गए, जिससे उनके सत्यापन में बाधा आ रही है।
अधिकारियों और कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी
जब आयकर विभाग की टीम गाड़ियों के काफिले के साथ रजिस्ट्री दफ्तर पहुँची, तो वहां मौजूद वकीलों, डीड राइटर्स और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। टीम ने तुरंत कार्यालय के मुख्य द्वारों को अपने कब्जे में ले लिया और किसी के भी बाहर जाने या अंदर आने पर पाबंदी लगा दी। अधिकारियों ने पिछले दो वित्तीय वर्षों के डेटा को खंगाला और कई महत्वपूर्ण हार्ड डिस्क व रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए।
10 दिन का अल्टीमेटम: देना होगा जवाब
आयकर विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन 2500 करोड़ रुपये के लेनदेन में विसंगतियां मिली हैं, उनसे जुड़े पक्षों को 10 दिन के भीतर अपनी आय के स्रोत और भुगतान के सबूत पेश करने होंगे। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो विभाग संपत्तियों को अटैच (कुर्क) करने और भारी जुर्माना लगाने की कार्रवाई करेगा।
बेनामी संपत्ति कानून के तहत कसेगा शिकंजा
इस रेड के बाद अब उन लोगों की नींद उड़ गई है जिन्होंने काले धन को ठिकाने लगाने के लिए संपत्तियों में निवेश किया था। आईटी विभाग अब उन बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों की भी कुंडली खंगाल रहा है जिनके माध्यम से ये बड़े सौदे किए गए। बताया जा रहा है कि इस जांच की आंच जल्द ही कानपुर के कुछ बड़े रसूखदारों तक भी पहुँच सकती है।
प्रलभ शरण चौधरी की विशेष रिपोर्ट: “टैक्स चोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक”
कानपुर रजिस्ट्री ऑफिस में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी आयकर कार्यवाहियों में से एक मानी जा रही है। 2500 करोड़ की गड़बड़ी यह बताती है कि कैसे रजिस्ट्री दफ्तरों में नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया जा रहा था। यह रेड उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो सरकारी राजस्व को चपत लगाकर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं।
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