दो डंपरों की भिड़ंत से 6 KM तक लगी वाहनों की कतार
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव/कानपुर। रविवार की सुबह कानपुर-उन्नाव हाईवे पर सफर करने वाले सैकड़ों मुसाफिरों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। कनोडिया पेट्रोल पंप के सामने दो डंपरों के बीच हुई भीषण टक्कर ने पूरे यातायात तंत्र को घुटनों पर ला दिया। इस हादसे के बाद हाईवे पर करीब 6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें न केवल आम राहगीर बल्कि लखनऊ एयरपोर्ट जाने वाले यात्री और होली पर घर लौट रहे छात्र भी घंटों फंसे रहे।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ संकट
हादसा रविवार सुबह उस समय हुआ जब विपरीत दिशाओं से आ रहे दो डंपर आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों क्षतिग्रस्त वाहन बीच सड़क पर ही फंस गए। देखते ही देखते रामादेवी से लेकर जाजमऊ गंगापुल तक वाहनों का रेला लग गया। स्थिति यह थी कि जो सफर महज 15-20 मिनट में तय होता था, उसे पूरा करने में लोगों को ढाई से तीन घंटे का समय लगा।
जाम का असर: एक नज़र में (Impact Chart)
| प्रभावित क्षेत्र | जाम की लंबाई | मुख्य समस्या | स्थिति |
| रामादेवी से जाजमऊ | 6 किलोमीटर | दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत | दोपहर बाद बहाल |
| लखनऊ-कानपुर लेन | भारी दबाव | एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों की फ्लाइट छूटी | अत्यधिक धीमी गति |
| यात्री परेशानी | सैकड़ों वाहन | भीषण गर्मी और पानी की किल्लत | ढाई घंटे बाद क्रेन पहुंची |
| पुलिस कार्रवाई | उन्नाव व कानपुर पुलिस | क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन से हटाया गया | धीरे-धीरे सामान्य |
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों की बढ़ी धड़कनें
जाम का सबसे बुरा असर उन यात्रियों पर पड़ा जिन्हें अमौसी (लखनऊ) एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी थी। कई यात्रियों ने बताया कि वे समय से काफी पहले निकले थे, लेकिन जाजमऊ गंगापुल पहुंचने में ही उन्हें दो घंटे से अधिक लग गए। यात्रियों ने पुलिस के खराब यातायात प्रबंधन पर कड़ा रोष जताया। लोगों का कहना था कि जब हाईवे पर इतना बड़ा हादसा हुआ, तो ट्रैफिक को डायवर्ट करने के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
राहगीरों की आपबीती: ‘बस खराब हुई और ड्राइवर छोड़ गया’
जाम में फंसे राम श्रीवास्तव, जो होली मनाने बहराइच जा रहे थे, उन्होंने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि जिस बस में वह सवार थे, वह जाम के बीच ही खराब हो गई। बस चालक उन्हें वहीं लावारिस छोड़कर चला गया। इसी तरह भगवंतनगर के अनीश, सूरज कुमार, निशा राजपूत और शकील अहमद जैसे दर्जनों लोग जरूरी काम से लखनऊ जा रहे थे, लेकिन घंटों धूप में सड़क पर रेंगने को मजबूर रहे।
पुलिस का सुस्त रवैया: नहीं उठे फोन
हैरानी की बात यह रही कि संकट के समय जब परेशान यात्रियों ने उन्नाव पुलिस के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए उनके आधिकारिक सीयूजी (CUG) नंबरों पर कॉल किया, तो अधिकांश नंबरों पर किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे यात्रियों का गुस्सा और बढ़ गया। यातायात इंस्पेक्टर सतेंद्र पाल ने बताया कि उन्नाव क्षेत्र में हुए हादसे के कारण कानपुर की ओर दबाव बढ़ा था। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन बुलाकर डंपरों को किनारे कराया गया।
दोपहर बाद राहत की उम्मीद
दोपहर करीब 12 बजे के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से पूरी तरह हटा दिया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारु होना शुरू हुआ। हालांकि, वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि दोपहर 2 बजे तक रामादेवी और जाजमऊ के बीच गाड़ियां रुक-रुक कर चलती रहीं। पुलिस का दावा है कि स्थिति अब सामान्य है, लेकिन यात्रियों के लिए यह रविवार बेहद कष्टकारी साबित हुआ।
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