10 शोहदों ने खींचा दुपट्टा, विरोध पर तेजाब फेंकने की धमकी
(प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
कानपुर : उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ और ‘पिंक बूथ’ जैसे दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। औद्योगिक राजधानी कानपुर में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने सरेआम दो सगी बहनों की अस्मत से खिलवाड़ किया। शहर के एक नामी वाटर पार्क में घूमने गई दो बहनों को 8 से 10 शोहदों ने घेर लिया और उनके साथ घिनौनी छेड़छाड़ की। दुस्साहस की पराकाष्ठा तो तब हो गई जब विरोध करने पर दरिंदों ने छोटी बहन का दुपट्टा खींच लिया और चेहरे पर तेजाब (Acid) डालने की धमकी दे डाली। यह घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि कानपुर पुलिस और योगी सरकार के ‘सुरक्षित प्रदेश’ के दावों के गाल पर एक करारा तमाचा है।
मनोरंजन बना अभिशाप: भीड़ के बीच छिड़ी दरिंदगी
जानकारी के अनुसार, पीड़ित दोनों सगी बहनें अपनी छुट्टियां बिताने और थोड़ा वक्त सुकून से गुजारने के लिए शहर के चर्चित वाटर पार्क पहुँची थीं। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वहां का सुरक्षा तंत्र कितना खोखला है। वाटर पार्क के भीतर ही 8 से 10 युवकों के एक झुंड ने उन पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। पहले तो बहनों ने उन्हें नजरअंदाज किया, लेकिन जब दरिंदों का मनोबल बढ़ा, तो उन्होंने घेराबंदी कर ली।
सरेआम खींचा दुपट्टा, तेजाब डालने की धमकी से दहला शहर
वारदात के दौरान जब बड़ी बहन ने शोहदों का विरोध किया, तो उन्होंने सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी। छोटी बहन ने जब अपना बचाव करना चाहा, तो दरिंदों ने उसके साथ हाथापाई की और उसका दुपट्टा खींच लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और वाटर पार्क का स्टाफ मूकदर्शक बना तमाशा देखता रहा।
हद तो तब हो गई जब एक शोहदे ने सरेआम धमकी दी कि— “अगर ज्यादा शोर मचाया या पुलिस के पास गईं, तो चेहरे पर तेजाब डाल देंगे और वीडियो बनाकर पूरी दुनिया में वायरल कर देंगे।” यह धमकी सुनकर बहनें बुरी तरह सहम गईं। शोहदों का यह दुस्साहस बताता है कि उन्हें न तो पुलिस का डर है और न ही प्रशासन का कोई खौफ।
📊 कानपुर कानून-व्यवस्था: सवालों के घेरे में प्रशासन
| घटना का विवरण | मुख्य तथ्य |
| स्थान | कानपुर का चर्चित वाटर पार्क |
| पीड़ित | दो सगी बहनें |
| आरोपियों की संख्या | 8 से 10 अज्ञात शोहदे |
| अपराध की प्रकृति | छेड़छाड़, दुपट्टा खींचना, तेजाब फेंकने की धमकी |
| प्रशासनिक फेल्योर | पार्क के भीतर सुरक्षा गार्डों की निष्क्रियता |
कहाँ गया ‘एंटी रोमियो स्क्वॉड’ और ‘मिशन शक्ति’?
यह घटना उत्तर प्रदेश सरकार के उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिसमें कहा जाता है कि प्रदेश की महिलाएं रात-बेरात कहीं भी बेखौफ घूम सकती हैं। जब शहर के बीचों-बीच स्थित एक निजी संस्थान (वाटर पार्क) में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जहाँ टिकट लेकर एंट्री होती है, तो गलियों और चौराहों का क्या हाल होगा?
कानपुर पुलिस का ‘एंटी रोमियो स्क्वॉड’ क्या केवल कागजों पर या पार्क के बाहर बैठे जोड़ों को पकड़ने के लिए है? भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी कहाँ थे?
वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी: डिजिटल आतंक
आजकल अपराधियों के पास मोबाइल एक हथियार बन गया है। इस मामले में भी शोहदों ने बहनों को वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी दी। यह साफ तौर पर डिजिटल आतंक (Digital Terrorism) का मामला है। पीड़ित बहनों का कहना है कि वे बुरी तरह डरी हुई हैं और अब घर से बाहर निकलने में भी उन्हें दहशत महसूस हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई: आश्वासन या लीपापोती?
मामला मीडिया में उछलने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। लेकिन सवाल वही है कि वारदात के वक्त सुरक्षा कहाँ थी? क्या पुलिस हमेशा कांड होने के बाद ही जागेगी?
जनता का फूटा गुस्सा
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि कानपुर अब अपराध की राजधानी बनता जा रहा है। अगर वाटर पार्क जैसे स्थानों पर भी शोहदे तेजाब डालने की धमकी दे रहे हैं, तो यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट: हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछते हैं— क्या यही वह सुरक्षित उत्तर प्रदेश है जिसका वादा आपने किया था? क्या कानपुर की बेटियां अब अपने घरों में कैद हो जाएं? इन दरिंदों पर ‘बुलडोजर’ कब चलेगा?
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स (Truth India Times)
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