कानपुर में 'खूनी' आधी रात: शराब के नशे में धुत पत्नी ने पति को कुल्हाड़ी से काटा
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के घाटमपुर इलाके में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। यहाँ एक पत्नी ने ममता और विश्वास के रिश्ते को कुल्हाड़ी से काट डाला। शराब के नशे में चूर पत्नी ने अपने ही पति पर एक-दो नहीं, बल्कि कुल्हाड़ी से 10 से 15 वार किए। मर्डर के बाद शातिर महिला ने खून के धब्बे धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की और ससुराल वालों को ‘एक्सीडेंट’ की झूठी कहानी सुनाई, लेकिन कानून के हाथों से बच न सकी।
वारदात: शराब की बोतल और ‘मौत का तांडव’
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात आरोपी पत्नी अपनी बहन के घर से शराब पीकर लौटी थी। घर पहुँचते ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ। शराब के नशे में महिला इस कदर अंधी हो गई कि उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और सो रहे या निहत्थे पति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि पति को संभलने तक का मौका नहीं मिला। 15 वारों ने उसके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया और मौके पर ही उसकी तड़प-तड़प कर जान चली गई।
साजिश: एक्सीडेंट का ड्रामा और साक्ष्य मिटाने की कोशिश
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला का शातिर चेहरा सामने आया। उसने सबसे पहले घर में फैले खून को धोने की कोशिश की ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। इसके बाद, उसने खुद ही एक किलोमीटर दूर रह रहे अपने ससुराल वालों को फोन किया और बताया कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है। लेकिन जब परिजन मौके पर पहुँचे, तो घर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक्सीडेंट के बजाय वहां कत्ल की बू आ रही थी। सूचना पर पहुँची पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो महिला के जुर्म की परतें उधड़ती चली गईं।
सरकार और समाज से 5 तीखे सवाल:
- महिला और नशाखोरी: समाज में पुरुषों के साथ-साथ अब महिलाओं में बढ़ती शराब की लत क्या गंभीर अपराधों की नई वजह बन रही है? क्या सरकार ने कभी इस दिशा में कोई सर्वे या जागरूकता अभियान चलाया?
- शराब की सुलभ उपलब्धता: कानपुर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में शराब की दुकानें मोहल्लों के बीच खुली हैं। क्या राजस्व का लालच सरकार को इतना अंधा कर चुका है कि उसे उजड़ते परिवार नहीं दिख रहे?
- पुलिस का सूचना तंत्र: इतनी बड़ी वारदात हो गई और महिला साक्ष्य मिटाती रही। क्या पुलिस की पेट्रोलिंग केवल कागजों पर है? रात के समय होने वाले घरेलू झगड़ों पर अंकुश लगाने के लिए कोई ‘क्विक रेस्पोंस’ सिस्टम क्यों नहीं है?
- हिंसा की पराकाष्ठा: 15 बार कुल्हाड़ी चलाना सामान्य गुस्सा नहीं है। यह समाज में बढ़ती मानसिक कुंठा और हिंसक प्रवृत्ति का संकेत है। क्या हमारे हेल्थ सिस्टम में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए कोई जगह है?
- फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत: ऐसे जघन्य कत्ल के मामलों में सालों तक तारीखें पड़ती रहती हैं। क्या इस ‘कातिल पत्नी’ को जल्द से जल्द सजा दिलाकर समाज में एक नजीर पेश की जाएगी?
मौके पर पहुँची फॉरेंसिक टीम
कानपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने घर से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल था।
निष्कर्ष: रिश्तों का कफन
यह घटना सिर्फ एक मर्डर नहीं है, बल्कि उस भरोसे का अंत है जिसके दम पर समाज टिका है। जब घर की दहलीज के भीतर ही रक्षक भक्षक बन जाए, तो न्याय की उम्मीद और बढ़ जाती है। प्रशासन को चाहिए कि वह शराब की अवैध बिक्री और बढ़ते नशे पर लगाम लगाए, वरना कानपुर की गलियों से ऐसी चीखें अक्सर सुनाई देती रहेंगी।
रिपोर्ट: [प्रलभ शरण चौधरी/Truth India Times]
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