मरने से पहले बनाया VIDEO, शव सड़क पर रखकर भारी हंगामा
प्रलभ शरण चौधरी, (Truth India Times)
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर में 23 वर्षीय युवक रोहित सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन यह केवल एक सामान्य सुसाइड नहीं है। मरने से पहले रोहित ने जो वीडियो बनाया, उसने पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में रोहित ने चीख-चीख कर आरोप लगाया कि उस पर ‘जबरन धर्म परिवर्तन’ का दबाव बनाया जा रहा था।
शुक्रवार को आक्रोशित परिजनों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रतनपुर रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए।
सुसाइड से पहले का वीडियो: “मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है…”
रोहित ने जान देने से ठीक पहले अपना मोबाइल कैमरा ऑन किया और अपना दर्द बयां किया। वीडियो के शब्द सीधे तौर पर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। रोहित ने कहा:
“मैं दीपक सिंह गौर… मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन मैं धर्म के रास्ते रहूंगा। जिस तक भी ये वीडियो पहुंचे, वो ध्यान दें कि भारत में गांजा बंद हो और नारी का सम्मान हो। मैं खुद फांसी लगाने जा रहा हूं। धर्म परिवर्तन पूरे भारत में हो रहा है।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आग की तरह फैल गया। परिजनों का आरोप है कि रोहित पर किसी संगठित गिरोह द्वारा मजहब बदलने का दबाव डाला जा रहा था।
लखनऊ के चारबाग से शुरू हुई साजिश की कड़ी?
परिजनों और बजरंग दल के कार्यकर्ता नरेश तोमर के अनुसार, रोहित 26 जनवरी को लखनऊ अपनी बहन कोमल से मिलने गया था, जो वहां पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रही है। आरोप है कि जब वह चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा, तो वहां उसे चार अज्ञात युवकों ने घेर लिया और किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर उसके साथ मारपीट की। वहां उसे धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया।
घर लौटने के बाद से ही रोहित डरा-सहमा था। हालांकि, भाई मोहित और मां उमा देवी ने बताया कि वह बीच-बीच में विक्षिप्तों जैसी बातें भी करने लगा था और कहता था कि “उसे भूत दिख रहा है”, लेकिन सुसाइड वीडियो ने पूरी कहानी को ‘धर्म परिवर्तन’ के सिंडिकेट की ओर मोड़ दिया है।
सड़क पर शव, प्रशासन के हाथ-पांव फूले
शुक्रवार सुबह जब रोहित का शव पोस्टमॉर्टम के बाद घर पहुंचा, तो परिजनों का सब्र टूट गया। उन्होंने सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंचे एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह और भारी पुलिस बल ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग आरोपियों के नाम और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर इस ‘धर्मांतरण गैंग’ का खुलासा नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर का सख्त निर्देश: CCTV और टीमें तैनात
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने स्वयं संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि:
- मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
- दो विशेष पुलिस टीमें जांच के लिए गठित की गई हैं।
- लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उन चार लड़कों की पहचान हो सके जिन्होंने रोहित को अगवा करने का प्रयास किया था।
पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और इस बात की गहन जांच होगी कि क्या शहर में कोई धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय है।
अधूरे सपने और बिखरा परिवार
12वीं पास रोहित घर के पास ही किराना की दुकान चलाकर अपनी मां और भाई का हाथ बंटा रहा था। 6 साल पहले पिता करन सिंह की मौत के बाद वह परिवार का बड़ा सहारा था। मां ने रुंधे गले से बताया कि बुधवार दोपहर जब वह कमरे से बाहर नहीं आया, तो उन्होंने खिड़की से झांका, जहां उनका लाल फंदे पर लटका हुआ था।
यह घटना उत्तर प्रदेश में ‘धर्मांतरण विरोधी कानून’ के बावजूद इस तरह के दबाव के दावों पर बड़े सवाल खड़े करती है। क्या लखनऊ से कानपुर तक कोई ऐसा जाल बिछा है जो युवाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है? प्रशासन के लिए अब यह साख का सवाल बन गया है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.