बोले— 'हमला हुआ है तो सबूत दें'
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को उन्नाव पहुंचे, जहाँ श्रद्धालुओं और स्थानीय आयोजकों ने उनका भव्य स्वागत किया। शहर के ‘सुंदर पैलेस’ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने न केवल धार्मिक विषयों पर अपनी बात रखी, बल्कि हाल ही में चर्चा में आई एक कथित हमले की घटना पर भी बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई गंभीर हमला हुआ है, तो उसके ठोस सबूत भी सार्वजनिक होने चाहिए।
कथित हमले पर उठाए सवाल
हाल के दिनों में सामने आई एक विवादित घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि केवल आरोप लगा देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर किसी पर गंभीर हमला हुआ है, तो उसके साक्ष्य और सबूत भी सामने आने चाहिए। बिना तथ्यों के ऐसी बातें समाज में भ्रम पैदा करती हैं।” उनके इस बयान को हालिया घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सुरक्षा और हमलों को लेकर चर्चाएं गर्म थीं।
11 मार्च को लखनऊ में बड़ा ऐलान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि आगामी 11 मार्च को वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़े ‘धर्मयुद्ध’ का ऐलान करेंगे। हालांकि उन्होंने इस धर्मयुद्ध के स्वरूप का पूरी तरह खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके संकेत स्पष्ट थे कि यह धर्म की रक्षा और समाज में व्याप्त विसंगतियों के खिलाफ एक वैचारिक और आध्यात्मिक आंदोलन होगा।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए अब निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है। लखनऊ का कार्यक्रम हिंदू समाज को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम
रविवार को जैसे ही शंकराचार्य उन्नाव के सुंदर पैलेस पहुंचे, वहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। आयोजकों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए और चरण वंदना की। शंकराचार्य ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वाद देते हुए धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने वर्तमान समय में युवाओं को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।
आगामी यात्रा की रूपरेखा
शंकराचार्य ने अपनी चल रही यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर रहे हैं ताकि लोगों को धर्म के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्नाव प्रवास के दौरान उन्होंने स्थानीय विद्वानों और प्रबुद्ध जनों से भी चर्चा की। 11 मार्च के कार्यक्रम को लेकर उनके अनुयायियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि लखनऊ में होने वाला यह आयोजन प्रदेश की धार्मिक राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल की तैनाती भी देखी गई। शंकराचार्य के कड़े रुख और आगामी ‘धर्मयुद्ध’ के ऐलान ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
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