पाइपलाइन फटने से सड़कों पर बहा हजारों लीटर पानी
प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
शुक्लागंज, उन्नाव: आज शुक्लागंज के सरैया क्रॉसिंग के पास सरकारी सिस्टम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो जल संरक्षण के दावों को मुँह चिढ़ा रही है। ‘अमृत योजना’ के तहत करोड़ों की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन आज अचानक फट गई, जिससे हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल नालियों में बहकर बर्बाद हो गया, यह घटना केवल संसाधनों की बर्बादी नहीं है, बल्कि उस गंभीर खतरे की दस्तक है जिसे प्रशासन अनदेखा कर रहा है।
इंदौर की घटना से क्यों नहीं लिया सबक?
अभी हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, उस घटना के पीछे मुख्य कारण पाइपलाइन में लीकेज ही था, जहाँ से गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया था, आज शुक्लागंज के सरैया क्रॉसिंग पर जिस तरह पानी का रिसाव हो रहा है, वह स्पष्ट रूप से चेतावनी दे रहा है कि यदि इसे तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो यहाँ भी पेयजल प्रदूषित हो सकता है, क्या प्रशासन यहाँ भी बच्चों की जान जाने का इंतज़ार कर रहा है?
फ्लाईओवर निर्माण और ओवरलोडिंग का दोहरा हमला
सरैया क्रॉसिंग पर वर्तमान में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, इसके साथ ही यहाँ से भारी और ओवरलोडेड वाहनों का निरंतर निकलना पाइपलाइन के लिए काल साबित हो रहा है
- धंस सकती है सड़क: लगातार हो रहे पानी के रिसाव से सड़क के नीचे की मिट्टी खोखली हो रही है, भारी वाहनों के दबाव में यह सड़क किसी भी समय धंस सकती है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका है
- निर्माण पर असर: फ्लाईओवर के पिलर्स और ढांचे के पास लगातार पानी का जमाव भविष्य में निर्माण की मजबूती पर भी बुरा असर डाल सकता है
मानकों की अनदेखी: भ्रष्टाचार की बू
इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार, ऐसी पाइपलाइनों को सड़क की सतह से कम से कम 4 से 5 फीट नीचे दबाया जाना चाहिए ताकि वाहनों के दबाव का उस पर असर न पड़े, लेकिन यहाँ जिस तरह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है, वह साफ दर्शाता है कि पाइपलाइन को गहराई में डालने के बजाय ऊपरी सतह पर ही खानापूर्ति कर दी गई, यह अमृत योजना के क्रियान्वयन में हुए भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
जल संकट बनाम जल बर्बादी
आज के दौर में जब भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, तब इस तरह हजारों लीटर पानी का सड़क पर बहना किसी अपराध से कम नहीं है एक तरफ जनता पानी के लिए परेशान है और दूसरी तरफ सरकारी लापरवाही से अमृत योजना का पानी सड़कों पर कीचड़ बना रहा है
प्रशासन से सीधे सवाल:
- अमृत योजना की पाइपलाइन मानकों के अनुसार 5 फीट नीचे क्यों नहीं दबाई गई?
- फ्लाईओवर निर्माण और ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पाइपलाइन की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
- क्या प्रशासन इंदौर जैसी किसी दुखद घटना के होने का इंतज़ार कर रहा है?
- इस भारी जल बर्बादी और लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कब होगी कार्रवाई?
निष्कर्ष: ‘Truth India Times’ इस खबर के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता है। यदि आज ही इस लीकेज को ठीक नहीं किया गया, तो यह न केवल जन-धन की हानि करेगा, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि का कारण भी बन सकता है
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