दूध ही नहीं, मसालों और दालों में भी जहर
-गत वर्ष अप्रैल से जनवरी तक भरे 332 नमूने, जांच में 64 नमूने फेल
-पनीर, रिफाइंड तेल, पिसे मसाल, अनाज व दाल भी असुरक्षित की श्रेणी में
कन्नाैज: जनपद में मिलावटखोरों का जाल अब केवल दूध और घी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाले पिसे मसाले, अनाज और दालें भी अब असुरक्षित हो चुकी हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पिछले साल अप्रैल से लेकर इस साल जनवरी तक की गई जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
खाद्य उपायुक्त उमेश प्रताप ने बताया कि, पिछले 10 महीनों में जिले भर में कुल 900 निरीक्षण किए और 182 स्थानों पर छापेमारी की। इस सघन अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के 332 नमूने भरे गए। अब तक इनमें से 137 नमूनों की लैब रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें से 64 नमूने फेल पाए गए हैं। जिसमें 49 नमूने गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं 11 नमूने स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक पाए गए। 4 नमूनों में पैकिंग और अन्य नियमों की अनदेखी मिली।
घरों में पहुंच रहा मिलावटी सामान
विभाग की रिपोर्ट बताती है कि मिलावटखोरों ने पनीर, रिफाइंड तेल, पिसे मसाले, अनाज और दालों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। पनीर में जहां फैट की कमी और हानिकारक रसायनों का मिश्रण पाया जा रहा है, वहीं पिसे मसालों में रंग और बाहरी अशुद्धियों की मिलावट हो रही है। असुरक्षित श्रेणी में आने वाले ये उत्पाद कैंसर और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
विभाग की सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा उपायुक्त उमेश प्रताप का कहना है कि जिन व्यापारियों के नमूने फेल हुए हैं, उन पर भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। असुरक्षित श्रेणी के मामलों में कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। जिसमें जेल की सजा का भी प्रावधान है। जनता से अपील की है कि वे खुला सामान खरीदने से बचें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
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