ग्राउंड जीरो पर उतरे जिलाधिकारी गौरांग राठी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव/पूर्वा: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो पॉवर्टी’ (शून्य गरीबी) योजना कागजों से निकलकर धरातल पर कितनी प्रभावी है, इसका जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी गौरांग राठी खुद शुक्रवार को पूर्वा विकास खंड की ग्राम पंचायत असहेरु पहुंचे। शीतकालीन भ्रमण के तहत आयोजित इस ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि चिह्नित गरीब परिवारों के दरवाजे पर जाकर योजनाओं की हकीकत भी खंगाली।
लाभार्थियों के घर पहुंचे जिलाधिकारी, पूछा- ‘आवास और पेंशन मिली या नहीं?’
चौपाल में सिर्फ भाषणबाजी के बजाय जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सीधे उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्हें ‘जीरो पॉवर्टी’ योजना के तहत चिह्नित किया गया है। उन्होंने घर-घर जाकर सत्यापन किया कि क्या पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।
संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ परिवारों तक अभी भी योजनाओं की पहुंच अधूरी है। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) को कड़े निर्देश दिए कि वंचित परिवारों का प्राथमिकता के आधार पर चयन कर उन्हें शत-प्रतिशत लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जीरो पॉवर्टी के इंडिकेटर्स पर कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनाथ बच्चों और कन्याओं के लिए विशेष निर्देश
जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (ICDS) और समाज कल्याण विभाग के स्टालों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और कन्या सुमंगला योजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- गांव के ऐसे अनाथ बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खो दिया है, उनका तत्काल सत्यापन कर उन्हें बाल सेवा योजना से जोड़ा जाए।
- कन्या सुमंगला योजना का लाभ हर पात्र बेटी को मिलना सुनिश्चित हो, ताकि उनकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हो सके।
कूड़ा निस्तारण और खेल मैदान पर फोकस
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने गांव की बुनियादी समस्याओं जैसे जलभराव, एंटी-लार्वा छिड़काव और खराब हैंडपंपों की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने आरआरसी सेंटर (RRC Center) के माध्यम से घर-घर कूड़ा एकत्रीकरण की पहल को सक्रिय रूप से लागू करने के लिए सचिव और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने के लिए जिलाधिकारी ने गांव में जल्द ही एक खेल मैदान विकसित करने की कार्ययोजना पर मुहर लगाई। साथ ही, उन्होंने ‘ग्राम न्यायालय’ के माध्यम से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के प्रति प्रेरित किया।
स्वयं सहायता समूह की आय बढ़ाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी देखी। उन्होंने महिलाओं से उनकी आय के बारे में जानकारी ली और समूहों में अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सलाह दी। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहतर कदम बताया।
होनहार बच्चों का उत्साहवर्धन
चौपाल के समापन पर जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और पठन सामग्री भेंट की। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही गरीबी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, उपजिलाधिकारी पूर्वा और जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चौपाल में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए।
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