उन्नाव DM ने 'फूड सेफ्टी वैन' को दिखाई हरी झंडी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। अगर आप बाजार से खरीदे गए दूध, मसाले या मिठाइयों की शुद्धता को लेकर शंकित रहते हैं, तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है। उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने शुक्रवार को जिले के निवासियों को एक बड़ी सौगात दी है। कलेक्ट्रेट परिसर से उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला (फूड सेफ्टी वैन) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन अब सीधे आपके मोहल्ले और बाजार तक पहुंचेगी और मौके पर ही मिलावट का पर्दाफाश करेगी।
DM ने स्वयं परखी वैन की तकनीक
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने केवल औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि उन्होंने स्वयं वैन के भीतर जाकर वहां मौजूद उपकरणों और जांच प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लैब टेक्नीशियन से सवाल-जवाब किए और यह समझा कि कैसे यह वैन दूध में यूरिया, डिटर्जेंट या मसालों में घातक रंगों की पहचान करती है। DM ने स्पष्ट लहजे में कहा कि “जनता की सेहत सर्वोपरि है और मिलावटखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
फूड सेफ्टी वैन की खूबियां: क्या-क्या होगी जांच? (Testing Chart)
| खाद्य पदार्थ | जांच का प्रकार (Type of Test) | समय (Time) |
| दूध (Milk) | यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और पानी की मिलावट | मात्र 5-10 मिनट |
| खाद्य तेल (Oil) | कृत्रिम रंग और अर्जीमोन तेल की जांच | मौके पर ही परिणाम |
| मिठाइयां (Sweets) | सिंथेटिक और हानिकारक रंगों की पहचान | तत्काल रिपोर्ट |
| मसाले (Spices) | बाहरी पाउडर, रंग और धूल-मिट्टी की जांच | ऑन-द-स्पॉट |
| पेय पदार्थ (Beverages) | सैकेरिन और अशुद्ध पानी की गुणवत्ता जांच | त्वरित विश्लेषण |
रूट चार्ट तैयार: गांव-कस्बों तक पहुंचेगी ‘चलता-फिरता लैब’
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि वैन का संचालन किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहे। इसके लिए एक विस्तृत रूटवार योजना बनाई गई है। यह वैन शहर के मुख्य बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के हाट, चौराहों और प्रमुख दुकानों तक पहुंचेगी। इससे उन इलाकों में भी मिलावट पर अंकुश लगेगा जहां आमतौर पर जांच टीमें कम पहुंच पाती हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि यदि जांच के दौरान किसी भी विक्रेता के पास मिलावटी सामान पाया जाता है, तो उस पर केवल जुर्माना न लगाया जाए, बल्कि सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आम जनता के लिए बड़ी सुविधा: फ्री में कराएं जांच
इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल छापामारी के लिए नहीं है। आम नागरिक भी बाजार से खरीदी गई किसी भी खाद्य सामग्री की शुद्धता की जांच इस वैन में निःशुल्क करा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं में जागरूकता आएगी और दुकानदार भी मिलावटी सामान बेचने से डरेंगे।
10 मिनट में दूध का ‘दूध और पानी का पानी’
इस वैन में लगे उपकरण इतने आधुनिक हैं कि सैंपल लेने के महज 10 मिनट के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिल जाती है। त्यौहारों के सीजन से पहले इस वैन का जिले में सक्रिय होना मिलावटखोरों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। खासकर दूध में डिटर्जेंट और मिठाइयों में हानिकारक रंगों के इस्तेमाल को रोकना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
वैन रवानगी के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कलेक्ट्रेट के कर्मचारी उपस्थित रहे। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने बताया कि यह वैन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी और इसकी लोकेशन की जानकारी स्थानीय स्तर पर साझा की जाएगी।
निष्कर्ष: स्वास्थ्य सुरक्षा की ओर कदम
उन्नाव प्रशासन की यह पहल न केवल मिलावटखोरी पर लगाम लगाएगी, बल्कि लोगों को यह भी सिखाएगी कि वे जो खा रहे हैं, वह कितना सुरक्षित है। शुद्ध आहार ही स्वस्थ जीवन की नींव है और ‘फूड सेफ्टी वैन’ इस दिशा में एक रक्षक की भूमिका निभाएगी।
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