साहित्य की सरिता में डूबा उन्नाव
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
उन्नाव। कलम और कंठ के संगम ने शुक्रवार की रात उन्नाव के सांस्कृतिक इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया। शहर के पीडी नगर स्थित अटल उपवन में आयोजित ‘विराट कवि सम्मेलन’ में शब्दों की ऐसी जादुई महफिल सजी कि कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रोता देर रात तक अपनी कुर्सियों से बंधे रहे। ओज, हास्य, श्रृंगार और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी में साहित्य प्रेमियों ने जमकर डुबकी लगाई। खचाखच भरे पांडाल में कवियों ने अपनी रचनाओं से न केवल समाज को आईना दिखाया, बल्कि युवा पीढ़ी में संस्कारों और राष्ट्रप्रेम की ऊर्जा का संचार भी किया।
श्वेता मिश्रा ने किया दीप प्रज्वलन: “साहित्य समाज का दर्पण”
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ मंच पर उपस्थित वरिष्ठ कवियों और अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। अपने संबोधन में श्वेता मिश्रा ने कहा, “साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा प्रदान करने वाला सशक्त माध्यम है। अटल उपवन जैसे सार्वजनिक स्थल पर ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखते हैं।” उन्होंने आगे विश्वास दिलाया कि नगर पालिका परिषद भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर संरक्षण और प्रोत्साहन देती रहेगी।
सोनरूपा की वंदना और अनुभव के ठहाके
काव्य संध्या का आगाज प्रख्यात कवयित्री सोनरूपा विशाल की सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ। ‘सुर की देवी’ की स्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और शांत बना दिया। इसके उपरांत हास्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनुभव अज्ञानी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने समसामयिक विसंगतियों पर करारे व्यंग्य और अपनी हास्य रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि पूरा पांडाल ठहाकों से गूंज उठा। उनकी छोटी-छोटी पंक्तियों ने आम जनजीवन के संघर्षों को हंसी के माध्यम से पिरोया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
ओज और राष्ट्रप्रेम का शिखर: राम भदावर का जादू
जैसे-जैसे रात परवान चढ़ी, कवि सम्मेलन अपने चरम पर पहुंच गया। जब मंच पर ओज के प्रखर स्वर और युवाओं के चहेते कवि राम भदावर आए, तो दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। राम भदावर ने जैसे ही अपनी वीर रस की कविताएं शुरू कीं, पूरा अटल उपवन “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। उनकी रचनाओं ने युवाओं की रगों में जोश भर दिया और श्रोताओं ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिवादन किया। राष्ट्रभक्ति से सराबोर उनकी पंक्तियों ने माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय और देशप्रेम से ओतप्रोत कर दिया।
युवा प्रतिभाओं ने जीता दिल
युवा कवि शरद मिश्रा और राहुल विनम्र ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बेहतरीन काव्य पाठ किया। शरद मिश्रा के गीतों में जहाँ सामाजिक सरोकार और संवेदनाओं की गहराई दिखी, वहीं राहुल विनम्र की ओजस्वी शैली ने राष्ट्र के प्रति युवा ऊर्जा की जिम्मेदारी का एहसास कराया। अनिरुद्ध सौरभ ने अपने प्रभावी और चुटीले संचालन से पूरे कार्यक्रम की गति को बनाए रखा। उन्होंने अपनी सधी हुई टिप्पणियों से कवियों और श्रोताओं के बीच एक जीवंत सेतु का काम किया।
गरिमामयी उपस्थिति और सम्मान
इस भव्य आयोजन के दौरान राजनीति और समाज सेवा से जुड़े कई दिग्गज भी मौजूद रहे। एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने कवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभासद, प्रबुद्ध नागरिक और साहित्य प्रेमी परिवार सहित शामिल हुए।
निष्कर्ष: यादगार रही साहित्यिक शाम
अटल उपवन का यह कवि सम्मेलन न केवल शब्दों का उत्सव था, बल्कि यह इस बात का प्रमाण था कि आज के डिजिटल युग में भी कविता और साहित्य की जड़ें समाज में कितनी गहरी हैं। देर रात तक चले इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब कलम सच बोलती है और कंठ में राष्ट्रभक्ति होती है, तो श्रोता समय की सीमा भूल जाते हैं। पीडी नगर वासियों के लिए यह शाम लंबे समय तक याद रखी जाने वाली साहित्यिक सौगात बन गई है।
संस्कृति और समाचार का संगम – ट्रुथ इंडिया टाइम्स
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