उन्नाव में बैंक कर्मियों का हल्लाबोल: समझौते के 18 महीने बाद भी 5-डे वर्किंग लागू न होने पर भड़के कर्मचारी, ठप रहा कामकाज

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार को वित्तीय सेवाओं की रफ्तार थम गई। अपनी लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में जिले के सभी छोटे-बड़े बैंकों के 9 प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया, जिससे करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।

समझौते की अनदेखी से उपजा आक्रोश

हड़ताल का मुख्य केंद्र 5-डे वर्किंग यानी सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की मांग रही। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ (IBA) और कर्मचारी यूनियनों के बीच करीब डेढ़ साल पहले इस मुद्दे पर सहमति बन गई थी। समझौते के तहत यह तय हुआ था कि बैंक कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी विभागों की तरह हर शनिवार और रविवार का अवकाश दिया जाएगा। लेकिन विडंबना यह है कि समझौता होने के 18 महीने बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने इसे लागू करने के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी नहीं की है।

कर्मचारियों का तर्क है कि डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में अब बैंकों में फिजिकल उपस्थिति की उतनी आवश्यकता नहीं रह गई है, जितनी पहले थी। इसके बावजूद बैंक कर्मियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन का नेतृत्व

उन्नाव में इस प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने किया। सुबह से ही कर्मचारी विभिन्न बैंक शाखाओं के बाहर एकत्र होने लगे और मुख्य शाखाओं के सामने धरना दिया। प्रदर्शन में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्पलाइज (NCBE), और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) समेत कुल 9 बड़े संगठनों के सदस्य शामिल रहे।

यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक चेतावनी है। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर मुहर नहीं लगाई, तो आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनकी अन्य मांगों में नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना और बैंक शाखाओं में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करना भी शामिल है।

आम जनता और व्यापार पर असर

इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण उन्नाव के व्यापारिक जगत पर खासा असर देखने को मिला। जिले की सैकड़ों बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और ड्राफ्ट बनवाने जैसे काम पूरी तरह ठप रहे। हालांकि एटीएम सेवाओं को बहाल रखने का प्रयास किया गया था, लेकिन दोपहर होते-होते शहर के कई एटीएम में कैश की किल्लत महसूस की गई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंगलवार का दिन व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है, और बैंकों की बंदी से उनके करोड़ों के लेन-देन अटक गए।

कार्य का दबाव और गिरती स्वास्थ्य सुविधाएं

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में एक बैंक कर्मचारी न केवल बैंकिंग सेवाएं दे रहा है, बल्कि सरकार की विभिन्न योजनाओं (जैसे जनधन, मुद्रा लोन, और बीमा योजनाएं) को जमीन पर उतारने का जिम्मा भी उन्हीं पर है। ऐसे में हफ्ते के छह दिन काम करना उनके निजी जीवन को बर्बाद कर रहा है। 5-डे वर्किंग की मांग केवल छुट्टी के लिए नहीं, बल्कि कार्यक्षमता बढ़ाने और ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ बनाए रखने के लिए है।

आगामी रणनीति

बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि सरकार उनकी सहनशक्ति का इम्तिहान न ले। समझौते की फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर सरकार कर्मचारियों के साथ विश्वासघात कर रही है। यदि इस सांकेतिक हड़ताल के बाद भी वित्त मंत्रालय ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी।

शाम होते-होते बैंक कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से वित्त मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। अब देखना यह होगा कि सरकार इन बैंक कर्मियों की मांगों पर गौर करती है या फिर यह टकराव और गहराता है।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading