बार काउंसिल चुनाव का शंखनाद; 333 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर, 4500 अधिवक्ता चुनेंगे अपनी सरकार

उन्नाव। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को उन्नाव के जिला न्यायालय परिसर में लोकतंत्र का उत्सव शुरू हो गया। सुबह से ही कचहरी परिसर अधिवक्ताओं की गहमागहमी और चुनावी उत्साह से सराबोर दिखा। यह चुनाव केवल बार काउंसिल के सदस्यों का चयन नहीं है, बल्कि अधिवक्ताओं के अधिकारों, हितों और न्यायिक गरिमा की रक्षा के लिए एक निर्णायक संघर्ष है।

अधिवक्ताओं में भारी उत्साह, लंबी कतारें

शुक्रवार सुबह जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, वैसे ही जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। वरिष्ठ अधिवक्ताओं से लेकर युवा वकीलों तक, हर कोई अपनी ‘बार सरकार’ चुनने के लिए उत्साहित नजर आया। मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारियों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प है क्योंकि मैदान में 333 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन दिग्गजों के भाग्य का फैसला उन्नाव के 4500 से अधिक पंजीकृत अधिवक्ता मतदाता करेंगे।

दो दिनों तक चलेगा ‘महाकुंभ’

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, मतदान की यह प्रक्रिया केवल आज तक सीमित नहीं है। मतदान दो चरणों में यानी शुक्रवार और शनिवार को आयोजित किया जा रहा है।

  • समय: सुबह से लेकर शाम तक (निर्धारित समय सीमा तक)।
  • स्थान: उन्नाव जिला न्यायालय परिसर।
  • प्रक्रिया: अलग-अलग काउंटर और बूथों के माध्यम से सुगम मतदान की व्यवस्था।

मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। मतदाता सूची के गहन सत्यापन और पहचान पत्र (आईडी कार्ड) की जांच के बाद ही अधिवक्ताओं को बूथ के भीतर प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जी मतदान की गुंजाइश न रहे।

कचहरी परिसर बना ‘छावनी’, सुरक्षा के कड़े पहरे

चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। पूरे कचहरी परिसर को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है।

  • पुलिस बल: करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
  • निगरानी: प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के आला अफसर लगातार राउंड पर हैं।
  • प्रवेश द्वार: मुख्य द्वारों पर सघन चेकिंग की जा रही है, जिससे केवल वैध मतदाता और संबंधित व्यक्ति ही अंदर प्रवेश कर सकें।

किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या संभावित विवाद को रोकने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

क्यों खास है यह चुनाव?

अधिवक्ताओं का मानना है कि बार काउंसिल का चुनाव उनके पेशे की दिशा तय करता है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बातचीत के दौरान बताया कि काउंसिल के सदस्य न केवल वकीलों की समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि न्यायिक सुधारों और अधिवक्ताओं के कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। यही कारण है कि चुनावी मैदान में उतरे 333 प्रत्याशी एक-एक वोट के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

वरिष्ठों ने दिया संदेश

मतदान के दौरान कई ऐसे वरिष्ठ अधिवक्ता भी पहुंचे जो वर्षों से इस व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को संदेश दिया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग सूझबूझ और प्रत्याशी की योग्यता को देखकर करें। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यह सहभागिता ही बार काउंसिल को मजबूत और निष्पक्ष बनाए रखेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शनिवार को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। इस बार के चुनाव में तकनीकी सावधानी और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading