कोड योगी के मेधावियों को बांटे लैपटॉप
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश का उन्नाव जनपद अब सिर्फ अपनी पारंपरिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ के युवा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग की दुनिया में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद के मेधावी छात्रों के उत्साहवर्धन के लिए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने एक विशेष कार्यक्रम में ‘कोड योगी एआई’ संस्था के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने छात्रों को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान उन विद्यार्थियों को दिया गया जिन्होंने कोडिंग और एआई के कठिन प्रशिक्षण में असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया है।
तकनीकी शिक्षा से बदलेगी उन्नाव की तस्वीर
विकास भवन या कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित (स्थान के अनुसार) इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग तकनीक का है। आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की मांग के अनुसार कौशल (Skill) विकसित करना अनिवार्य है।
डीएम ने ‘कोड योगी एआई’ संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले क्षेत्रों में एआई और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देना एक सराहनीय कदम है। उन्होंने मेधावियों को प्रेरित करते हुए कहा, “आज आप जिस लैपटॉप पर कोडिंग सीख रहे हैं, कल वही तकनीक पूरी दुनिया की समस्याओं का समाधान करेगी।”
कोड योगी एआई: युवाओं के सपनों को नई उड़ान
‘कोड योगी’ संस्था द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली छात्रों को नि:शुल्क या रियायती दरों पर उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा देना है, जिनके पास संसाधनों का अभाव है। संस्था ने एआई के क्षेत्र में करियर की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इन छात्रों को महीनों तक गहन प्रशिक्षण दिया।
सम्मानित होने वाले छात्रों में वह युवा शामिल हैं जिन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और एआई एल्गोरिदम में उत्कृष्ट अंक और प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। लैपटॉप मिलने से अब इन छात्रों को अपनी कोडिंग प्रैक्टिस और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
एआई में करियर की अपार संभावनाएं
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाला समय पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। चाहे स्वास्थ्य सेवा हो, कृषि हो या शिक्षा, एआई हर जगह अपनी जगह बना रहा है। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि उन्नाव के युवा अगर इन क्षेत्रों में पारंगत होते हैं, तो उन्हें न केवल देश की बड़ी कंपनियों में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
उन्होंने छात्रों को नसीहत दी कि वे तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के उत्थान के लिए करें। डीएम ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उन्नाव से कई बड़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक-आंत्रप्रेन्योर निकलेंगे।
छात्रों के चेहरे पर दिखी खुशी की चमक
लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र पाकर छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे। एक सम्मानित छात्र ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरे पास कोडिंग सीखने के लिए अच्छा कंप्यूटर नहीं था, लेकिन कोड योगी और जिलाधिकारी महोदय के इस प्रोत्साहन ने मेरी राह आसान कर दी है। अब मैं बिना किसी रुकावट के अपने सपनों को पूरा कर सकूंगा।”
अभिभावकों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के सम्मान से बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागती है और वे और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं।
प्रशासन की दूरगामी सोच
जिलाधिकारी गौरांग राठी की इस पहल को जनपद में ‘स्किल डेवलपमेंट’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सरकारी स्कूलों और अन्य संस्थानों में भी तकनीकी शिक्षा के स्तर को सुधारा जाए ताकि यहाँ का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।
इस अवसर पर जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और ‘कोड योगी’ संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी मेधावियों को निरंतर सीखते रहने और हार न मानने का मंत्र दिया।
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