मजदूरों के हक के लिए कांग्रेस का ‘सत्याग्रह’, भाजपा के 125 दिन के काम के वादे को बताया ‘चुनावी ढकोसला’

देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले मजदूरों के अधिकारों को लेकर राजनीति गरमा गई है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में रविवार को कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक दिवसीय उपवास रखा। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर ‘मजदूर विरोधी’ होने का ठप्पा लगाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों से पलटी मारकर गरीबों के पेट पर लात मारने का काम किया है।

भाजपा का 125 दिन का वादा सिर्फ ‘ड्रामा’: तन्मय श्रीवास्तव

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता तन्मय श्रीवास्तव ने उपवास स्थल पर कार्यकर्ताओं और मजदूरों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मजदूरों के साथ लगातार छल कर रही है। श्रीवास्तव ने भाजपा के उस वादे पर सवाल उठाए जिसमें मजदूरों को साल में 125 दिन काम देने की बात कही गई थी।

उन्होंने दहाड़ते हुए कहा, “भाजपा का 125 दिन के काम का वादा महज एक ‘ड्रामा’ और ‘ढकोसला’ है। सरकार ने सत्ता पाने के लिए बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन धरातल पर मजदूर आज भी अपने काम और मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहा है। यह झूठ न केवल मजदूरों के साथ धोखा है, बल्कि पूरे देश की बुनियाद को कमजोर करने जैसा है।”

मनरेगा और कांग्रेस शासन की याद

उपवास के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यूपीए सरकार के दौरान लागू की गई मनरेगा (MGNREGA) योजना का जिक्र किया। तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मजदूरों को 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी गई थी। उस दौर में व्यवस्था ऐसी थी कि यदि काम उपलब्ध नहीं भी होता था, तब भी मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता या मजदूरी मिलती थी, जिससे उनके घरों के चूल्हे जलते रहते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने मनरेगा के बजट में कटौती कर और जटिल नियम बनाकर मजदूरों को इस हक से भी वंचित करने की साजिश रची है। आज मजदूर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

मजदूर अपनी पीड़ा लेकर कहाँ जाए?

कांग्रेस नेता ने सरकार के हालिया सर्वे अभियानों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गांव-गांव जाकर सर्वे का ढोंग तो कर रही है, लेकिन असलियत यह है कि मजदूर की सुनने वाला कोई नहीं है। श्रीवास्तव ने सवाल पूछा, “अधिकारी गांवों में जा रहे हैं, लेकिन क्या वे मजदूरों की फटी बिवाइयां और खाली थाली देख पा रहे हैं? मजदूर अपनी पीड़ा और समस्याएं कहाँ रखे, जब सुनने वाली सरकार ही उनकी विरोधी बन गई हो?”

आंदोलन की चेतावनी: ‘सड़क से सदन तक लड़ेंगे’

एक दिवसीय उपवास को केवल एक सांकेतिक विरोध बताते हुए कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों के अधिकारों की बहाली नहीं हुई और 125 दिन के काम के वादे को हकीकत में नहीं बदला गया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रखर आंदोलन करेगी।

कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि:

  1. मजदूरों के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए।
  2. मनरेगा में कार्य दिवसों की संख्या को वास्तविक रूप से बढ़ाया जाए।
  3. महंगाई के अनुपात में मजदूरों की दैनिक दिहाड़ी में वृद्धि की जाए।

निष्कर्ष: मजदूरों की आवाज बनेगी कांग्रेस

रविवार को हुआ यह उपवास कार्यक्रम जिला मुख्यालय के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस का दावा है कि वह मजदूरों को उनका हक दिलाने और उनकी आवाज को शासन के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने के लिए पीछे नहीं हटेगी। भाजपा के “झूठे वादों” को बेनकाब करने के लिए कांग्रेस ने अब घर-घर जाकर मजदूरों को जागरूक करने का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading