उन्नाव जिला अस्पताल में उमड़ा मरीजों का सैलाब: ओपीडी खुलते ही लगीं लंबी कतारें, इलाज के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर लोग

उन्नाव | उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की लाइफलाइन कहे जाने वाले जिला अस्पताल में शुक्रवार को मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह ओपीडी (OPD) खुलते ही अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। दूर-दराज के गांवों और कस्बों से आए मरीज और उनके तीमारदार कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर रूम तक कतारें

शुक्रवार सुबह जैसे ही अस्पताल के द्वार खुले, पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए। केवल पर्चा काउंटर ही नहीं, बल्कि फिजिशियन, हड्डी रोग विभाग और बाल रोग विभाग के बाहर भी मरीजों का तांता लगा रहा। भारी भीड़ के कारण ओपीडी गैलरी पूरी तरह खचाखच भर गई, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

दवा काउंटर और पैथोलॉजी पर भी भारी दबाव

डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद असली मशक्कत दवा काउंटरों पर देखने को मिली। यहां पुरुष और महिला कतारें काफी लंबी थीं, जहां तीमारदार घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इसके अलावा, पैथोलॉजी लैब और एक्स-रे कक्ष के बाहर भी मरीजों की अत्यधिक संख्या के कारण अव्यवस्था जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित करने और लाइनें सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया।

मौसम और छुट्टियों के बाद का असर

अस्पताल पहुंचे कुछ स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि शुक्रवार को भीड़ अधिक होने की एक मुख्य वजह मौसम में हो रहा बदलाव है। इसके अलावा, पिछले दिनों हुई छुट्टियों के कारण भी जो मरीज इलाज नहीं करा पाए थे, वे शुक्रवार को ओपीडी खुलते ही बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों का कहना है कि उन्हें सुबह 8 बजे से ही लाइन में लगना पड़ा, तब कहीं जाकर दोपहर तक उनका नंबर आ सका।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

भीड़ के बावजूद, डॉक्टरों ने मुस्तैदी के साथ मरीजों का परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक परामर्श व दवाएं उपलब्ध कराईं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों ने मरीजों को सलाह दी है कि बदलते मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें और वायरल रोगों के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।

देर शाम तक अस्पताल में गहमागहमी बनी रही। इस भीड़ ने एक बार फिर जिला अस्पताल की क्षमता और सीमित संसाधनों पर दबाव को उजागर कर दिया है।

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