कर्मचारियों और उपभोक्ता के बीच चले लात-घूंसे
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों और जनता के बीच टकराव की बड़ी खबर सामने आई है। जनपद के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आजाद नगर मोहल्ले में बिजली का कनेक्शन काटने पहुंची विद्युत विभाग की टीम और एक स्थानीय उपभोक्ता के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक आ गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे हैं। इस विवाद ने जहां सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुद्दा गरमा दिया है, वहीं उपभोक्ता ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप मढ़े हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की एक टीम बकाया बिल वसूली और अवैध कनेक्शनों की जांच के उद्देश्य से आजाद नगर मोहल्ले में गश्त कर रही थी। विभाग का दावा है कि एक विशिष्ट घर का बिजली बिल लंबे समय से बकाया था, जिसके चलते लाइनमैन और अन्य कर्मचारी वहां कनेक्शन काटने पहुंचे थे। जैसे ही कर्मचारियों ने खंभे से तार हटाना शुरू किया, घर के मालिक और उनके परिजनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
शुरुआती बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बिजली विभाग के कर्मचारी और उपभोक्ता पक्ष के बीच धक्का-मुक्की हो रही है। कुछ ही क्षणों में दोनों ओर से लात-घूंसे चलने लगे। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने तक मामला काफी बिगड़ चुका था।
उपभोक्ता का आरोप: ‘जबरन वसूली और अभद्रता’
घटना के बाद पीड़ित उपभोक्ता पक्ष ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ता का कहना है कि बिजली विभाग की टीम बिना किसी पूर्व नोटिस के घर पहुंची थी। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने कनेक्शन न काटने के बदले ‘सुविधा शुल्क’ (जबरन वसूली) की मांग की थी।
उपभोक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया और कानूनी प्रक्रिया की बात की, तो कर्मचारियों ने घर की महिलाओं के साथ अभद्रता और बदसलूकी की। उपभोक्ता का कहना है कि महिलाओं के साथ की गई इसी बदतमीजी के कारण बचाव में विवाद हुआ। परिवार का दावा है कि विभाग उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है।
विद्युत विभाग का पक्ष: ‘सरकारी कार्य में बाधा’
दूसरी ओर, बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग का कहना है कि उनकी टीम केवल अपना कर्तव्य निभा रही थी। बकाया बिल होने की स्थिति में कनेक्शन काटना एक सामान्य प्रक्रिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों को बंधक बनाने की कोशिश की गई और उनके साथ मारपीट की गई, जिससे सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हुई।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले में कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। कर्मचारियों का तर्क है कि यदि वे सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो फील्ड में राजस्व वसूली का काम करना असंभव हो जाएगा।
गंगाघाट पुलिस की कार्रवाई और वायरल वीडियो
इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वह वीडियो है जो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। वीडियो में हो रही मारपीट ने प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गंगाघाट कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिंसा की शुरुआत किसने की।
कोतवाली प्रभारी के अनुसार, दोनों पक्षों की बातें सुनी जा रही हैं और मेडिकल रिपोर्ट तथा वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निवासियों में रोष
इस घटना के बाद आजाद नगर मोहल्ले में तनाव का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन बिजली विभाग की टीमें चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान करती हैं। हालांकि, मारपीट की घटना को लेकर मोहल्ले के लोग भी बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इसे विभाग की तानाशाही बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि कानून को हाथ में लेना गलत है।
निष्कर्ष: प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
उन्नाव में हुई यह घटना बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते अविश्वास का परिणाम है। एक तरफ जहां सरकार बिजली चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए सख्त निर्देश दे रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कर्मचारियों और जनता के बीच बढ़ता संवादहीनता का अभाव ऐसे हिंसक टकरावों को जन्म दे रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।
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