कोचिंग जा रही छात्राओं से छेड़छाड़ पर फूटा गुस्सा
बांगरमऊ (उन्नाव) | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ इलाके में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार को कोचिंग जा रही छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना ने इतना तूल पकड़ा कि मौके पर भारी बवाल शुरू हो गया। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
स्टेशन मार्ग बना ‘मनचलों’ का अड्डा
पूरी घटना बांगरमऊ के व्यस्त स्टेशन मार्ग की है, जहाँ ‘समर्थन डिजिटल लाइब्रेरी’ और कई प्रमुख कोचिंग सेंटर स्थित हैं। यहाँ रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। छात्राओं का आरोप है कि कोचिंग के बाहर कुछ युवक झुंड बनाकर खड़े रहते हैं और आते-जाते समय उन पर फब्तियां कसते हैं।
रविवार को जब छात्राएं कोचिंग से बाहर निकल रही थीं, तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे युवकों ने उनके साथ बदतमीजी की और आपत्तिजनक टिप्पणियां शुरू कर दीं। जब छात्राओं ने इसका साहसपूर्वक विरोध किया, तो आरोपी और अधिक आक्रामक हो गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कोचिंग संचालकों की लापरवाही पर भी भड़के लोग
हंगामे के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा केवल मनचलों पर ही नहीं, बल्कि कोचिंग संस्थान के संचालकों पर भी निकला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी और कोचिंग प्रबंधन को इस अराजकता की जानकारी काफी समय से थी। कई बार शिकायत के बावजूद संस्थान के जिम्मेदारों ने पुलिस को सूचित करने या निजी गार्ड तैनात करने जैसे कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
आक्रोशित भीड़ का कहना था कि शिक्षण संस्थानों की लापरवाही के कारण ही इन मनचलों के हौसले बुलंद हैं। छात्राओं ने बताया कि उन्हें हर रोज डर के साये में पढ़ाई करने जाना पड़ता है और घर लौटते समय वे हमेशा असुरक्षित महसूस करती हैं।
पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण स्थिति
बवाल की सूचना मिलते ही बांगरमऊ कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने सबसे पहले उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और छात्राओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। मौके से भागने की कोशिश कर रहे दो युवकों को पुलिस ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए युवकों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अन्य साथियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तहरीर मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम की मांग
इस घटना के बाद बांगरमऊ क्षेत्र के अभिभावकों में गहरी चिंता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
- कोचिंग केंद्रों के पास सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों (एंटी रोमियो स्क्वाड) की तैनाती की जाए।
- स्टेशन रोड पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था हो और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए।
- लाइब्रेरी और कोचिंग संचालकों की जवाबदेही तय की जाए ताकि वे अपने परिसर के बाहर सुरक्षा सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष: कागजों पर ‘मिशन शक्ति’ और धरातल की हकीकत
एक तरफ सरकार ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित बनाने का दावा करती है, वहीं उन्नाव के बांगरमऊ जैसी घटनाएं धरातल की कड़वी सच्चाई बयां करती हैं। छात्राओं ने जिस तरह से रोज होने वाली अराजकता की बात कही है, वह पुलिस गश्त और स्थानीय खुफिया तंत्र पर बड़े सवालिया निशान लगाती है। फिलहाल, क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
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