पूर्व सांसद देवीबक्श सिंह का निधन
प्रलाभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव/कानपुर। भारतीय राजनीति और विशेषकर उन्नाव के संसदीय इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ने वाले वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद देवीबक्श सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार को कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम में उन्होंने 85 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक स्तंभ के रूप में पहचाने जाने वाले देवीबक्श सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
निमोनिया और सांस की तकलीफ बनी मौत का कारण
पारिवारिक सूत्रों और मिली जानकारी के अनुसार, देवीबक्श सिंह पिछले तीन दिनों से गंभीर निमोनिया से पीड़ित थे। उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई हो रही थी, जिसके चलते उन्हें कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए थी, लेकिन सोमवार दोपहर लगभग 12:00 बजे उनका स्वास्थ्य अचानक अधिक बिगड़ गया और उन्होंने अंतिम सांस ली। उम्र के इस पड़ाव पर संक्रमण के चलते उनका शरीर इलाज को उस गति से स्वीकार नहीं कर पा रहा था, जिसकी आवश्यकता थी।
राजनीतिक सफर: उन्नाव की आवाज बने देवीबक्श
देवीबक्श सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे उन्नाव संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई विकास कार्यों को गति मिली। वे अपनी सादगी, स्पष्टवादिता और आम जनता के साथ सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। राम मंदिर आंदोलन और भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी भूमिका को पार्टी आज भी बड़े सम्मान के साथ याद करती है।
एक वरिष्ठ नेता के तौर पर उन्होंने न केवल जिले की राजनीति को दिशा दी, बल्कि नए कार्यकर्ताओं के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाई। उनकी राजनीतिक शुचिता और सिद्धांतों के प्रति अडिगता ने उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान दिलाया।
शोक की लहर: दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
उनके निधन पर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक जगत में शोक व्याप्त है। भाजपा के स्थानीय नेताओं से लेकर प्रदेश स्तर के नेताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। समर्थकों का कहना है कि “देवीबक्श सिंह केवल एक नेता नहीं, बल्कि उन्नाव के संरक्षक थे। उनका जाना एक पूरे युग का अंत है।”
सोशल मीडिया पर भी उनके चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। भाजपा के जिला कार्यालय पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है।
अंतिम संस्कार की तैयारियां
उनके पार्थिव शरीर को कानपुर से उनके पैतृक आवास लाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और आम जनता जुट रही है। अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान या विधि-विधान के साथ किए जाने की संभावना है, जिसकी सूचना परिजनों द्वारा जल्द साझा की जाएगी।
देवीबक्श सिंह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार और हजारों समर्थकों की विरासत छोड़ गए हैं। उन्नाव के विकास और राजनीति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
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