मंदिर से लौटते समय माथे पर लगी ईंट
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी(Truth India Times)
उन्नाव (गंगाघाट): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नशेबाजों की अराजकता ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सर्वोदय नगर मोड़ के पास बुधवार रात नशे में धुत कुछ अराजक तत्वों द्वारा फेंकी गई ईंट लगने से 25 वर्षीय युवती समीक्षा शुक्ला की दर्दनाक मौत हो गई। युवती अपने सहेली के साथ मंदिर में दर्शन कर वापस लौट रही थी, तभी वह इस जानलेवा हमले का शिकार हो गई।
मंदिर से लौटते वक्त हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सर्वोदय नगर निवासी समीक्षा शुक्ला (25) बुधवार की रात अपनी एक सहेली के साथ खाटू श्याम मंदिर गई थीं। दर्शन करने के बाद जब दोनों सहेलियां घर वापस लौट रही थीं, तभी सर्वोदय नगर मोड़ के पास सड़क पर कुछ नशेबाज आपस में झगड़ रहे थे और पत्थरबाजी कर रहे थे। इसी दौरान नशेबाजों द्वारा फेंकी गई एक तेज रफ्तार ईंट सीधे समीक्षा के माथे पर जा लगी। ईंट लगते ही समीक्षा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ीं।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायल युवती को तुरंत पास के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। हालांकि, चोट इतनी गहरी थी कि प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर के नॉर्थ स्टार अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर कानपुर पहुंचे, जहां विशेषज्ञों की टीम ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था; गुरुवार दोपहर लगभग पौने तीन बजे इलाज के दौरान समीक्षा ने दम तोड़ दिया।
‘डीएवी’ की होनहार छात्रा थी समीक्षा
मृतक युवती के भाई दीपेंद्र शुक्ला ने भारी मन से बताया कि उनकी बहन कानपुर के डीएवी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह पढ़ाई में बहुत होनहार थी और उसका स्वभाव अत्यंत शांत था। घर में वह सबकी लाडली थी। भाई ने बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि जो बहन कुछ देर पहले खुशी-खुशी मंदिर दर्शन के लिए गई थी, वह अब इस दुनिया में नहीं है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और लोगों में नशेबाजों के बढ़ते आतंक को लेकर भारी रोष व्याप्त है।
कानूनी कार्रवाई से परिजनों का इनकार
इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब शुक्रवार को परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से हाथ पीछे खींच लिए। कानपुर की फीलखाना पुलिस जब शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए पहुंची, तो परिजनों ने साफ तौर पर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। भाई दीपेंद्र शुक्ला ने पुलिस को लिखित या मौखिक रूप से कोई भी प्रार्थना पत्र देने से मना कर दिया है। परिजनों का कहना है कि वे अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और पुलिस की कानूनी पेचीदगियों से दूर रहना चाहते हैं।
पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती
परिजनों द्वारा कार्रवाई से इनकार किए जाने के बाद पुलिस असमंजस की स्थिति में है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगाघाट और सर्वोदय नगर जैसे इलाकों में शाम ढलते ही नशेबाजों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क पर खुलेआम शराब पीना और गाली-गलौज करना आम बात हो गई है। समीक्षा की मौत ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि अगर परिवार कार्रवाई नहीं करता, तो क्या इन बेखौफ नशेबाजों के हौसले और बुलंद नहीं होंगे?
निष्कर्ष
समीक्षा की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज में फैल रहे नशे और उससे उत्पन्न होने वाले अपराध का नतीजा है। एक मासूम छात्रा की बलि चढ़ने के बाद भी अगर अपराधी कानून की गिरफ्त से बाहर रहते हैं, तो यह व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल, बिना पोस्टमार्टम और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के परिवार अपनी बेटी को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है, लेकिन क्षेत्र के लोग आज भी डरे हुए हैं कि अगली शिकार कोई और ‘समीक्षा’ न बन जाए।
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