गूगल लोकेशन के फेर में फंसी कार
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव: डिजिटल युग में जहां गूगल मैप्स (Google Maps) रास्ता खोजने का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है, वहीं कभी-कभी यह तकनीकी निर्भरता भारी मुसीबत का कारण भी बन जाती है। ताजा मामला उन्नाव जिले के बीघापुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां गलत लोकेशन के चक्कर में एक कार शारदा नहर के किनारे नाले में जा लटकी। गनीमत यह रही कि कार सवार सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है।
निमंत्रण में जा रहे थे कार सवार
जानकारी के अनुसार, कार सवार लोग बारा सगवर थाना क्षेत्र के ‘भगवंतखेड़ा’ गांव में एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते की जानकारी न होने पर उन्होंने मोबाइल फोन पर गूगल मैप्स की लोकेशन का सहारा लिया। तकनीकी खामी या नाम की समानता के कारण, लोकेशन ने उन्हें बारा सगवर के बजाय बीघापुर थाना क्षेत्र के ‘भगवंतखेड़ा’ की ओर मोड़ दिया।
गलत रास्ते पर पहुंचने का एहसास होने के बाद, जब कार सवार वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे, तभी बीघापुर क्षेत्र में शारदा नहर के समीप उनकी कार अनियंत्रित होकर एक गहरे नाले के किनारे लटक गई।
ग्रामीणों ने की मदद, टला बड़ा हादसा
कार का आधा हिस्सा नाले की ढलान पर लटकते देख सवारों की सांसें अटक गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अगर कार कुछ इंच और आगे खिसक जाती, तो वह सीधे गहरे नाले में गिर सकती थी, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर बीघापुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार को सुरक्षित बाहर निकलवाने के प्रयास शुरू किए। कार सवारों ने बताया कि वे केवल मैप के बताए रास्ते पर चल रहे थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि रास्ता इतना संकरा और खतरनाक हो जाएगा।
‘लोकेशन’ के धोखे से रहें सावधान
यह कोई पहली घटना नहीं है जब गूगल मैप्स ने चालकों को मुसीबत में डाला हो। अक्सर ग्रामीण इलाकों में मैप्स ऐसे कच्चे या संकरे रास्तों को मुख्य मार्ग के रूप में दिखा देता है, जो वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं होते। स्थानीय लोगों का कहना है कि शारदा नहर के आसपास के कुछ रास्ते काफी पुराने और जर्जर हैं, जिन पर अनजान लोगों के लिए गाड़ी चलाना जोखिम भरा होता है।
पुलिस और प्रशासन ने अपील की है कि अनजान रास्तों पर पूरी तरह मोबाइल लोकेशन पर निर्भर न रहें और संदिग्ध मोड़ या संकरे रास्तों पर स्थानीय लोगों से रास्ता जरूर पूछ लें। फिलहाल, सभी कार सवार सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं, लेकिन यह घटना डिजिटल तकनीक के अंधानुकरण के प्रति एक बड़ी चेतावनी है।
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