ई-रिक्शा विवाद में जमकर चले लात-घूंसे, घंटों नदारद रही पुलिस
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बानगी सदर कोतवाली क्षेत्र के दरोगा बाग इलाके में देखने को मिली। यहाँ मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। आशा हॉस्पिटल के ठीक सामने हुई इस हिंसक घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि बीच शहर में घंटों तक चले इस ड्रामे और हंगामे के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना और आक्रोश व्याप्त है।
मामूली कहासुनी और फिर खूनी तांडव
प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक ई-रिक्शा चालक के साथ हुई मामूली कहासुनी से हुई। बताया जा रहा है कि दरोगा बाग स्थित आशा हॉस्पिटल के सामने रास्ता देने या किराया देने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने फोन करके अपने दर्जनों साथियों को मौके पर बुला लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग एक व्यक्ति को घेरकर उसे बेरहमी से पीट रहे हैं। हमलावर लात-घूंसों और थप्पड़ों की बौछार कर रहे हैं, जबकि पीड़ित अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने की कोशिश कर रहा है। अस्पताल के सामने मौजूद तीमारदार और राहगीर मूकदर्शक बनकर यह तमाशा देखते रहे।
पुलिस की देरी पर उठे गंभीर सवाल
शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक होने के बावजूद, जहाँ पुलिस की गश्ती गाड़ियां अक्सर नजर आती हैं, वहां इस तरह का उपद्रव होना और पुलिस का समय पर न पहुंचना गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटना के दौरान कई बार पुलिस को फोन किया गया, लेकिन कोतवाली पुलिस घंटों तक मौके पर नहीं पहुंची। जब तक पुलिस की आहट हुई, तब तक हमलावर पीड़ित को लहूलुहान कर मौके से फरार हो चुके थे।
अस्पताल के बाहर दहशत का माहौल
आशा हॉस्पिटल के बाहर हुई इस मारपीट से वहां इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। हंगामे और शोर-शराबे के कारण काफी देर तक सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस चौकी की सक्रियता होती, तो शायद इस विवाद को हिंसक मोड़ लेने से पहले ही रोका जा सकता था। वायरल वीडियो में हमलावरों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं, जो सरेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
सदर कोतवाली पुलिस का पक्ष
वीडियो वायरल होने और मीडिया में खबरें आने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। ई-रिक्शा चालक और दूसरे पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस की देरी के सवाल पर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
निष्कर्ष: ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ की नजर
उन्नाव में आए दिन बढ़ती इस तरह की हिंसक घटनाएं और सरेआम मारपीट यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन में खाकी का डर कम होता जा रहा है। ई-रिक्शा और पार्किंग जैसे छोटे मुद्दों पर घंटों तक शहर की सड़कों पर तांडव होना प्रशासनिक विफलता का संकेत है। ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ मांग करता है कि वायरल वीडियो में दिख रहे हर एक चेहरे की पहचान कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।
क्या उन्नाव पुलिस केवल वीडियो वायरल होने के बाद ही जागेगी, या सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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