चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कल सजेगा 'इंडिया एआई कन्वर्जेंस' का मंच
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। औद्योगिक और कृषि प्रधान पहचान रखने वाला उन्नाव जनपद अब तकनीक और नवाचार की दुनिया में एक लंबी छलांग लगाने जा रहा है। शनिवार को लखनऊ-कानपुर हाईवे (NH-27) स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के परिसर में ‘इंडिया एआई कन्वर्जेंस’ (India AI Convergence) कार्यक्रम का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के तकनीकी परिदृश्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आगामी ‘इंडिया एआई – एक्शन समिट 2026’ के प्री-इवेंट के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर अग्रणी बनाना है।
तकनीकी दिग्गजों का होगा महाकुंभ
शनिवार सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने नीति निर्धारक, दिग्गज उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक, प्रख्यात शिक्षाविद और शोधकर्ता एक ही छत के नीचे जुटेंगे। यह आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), उत्तर प्रदेश सरकार, MeitY स्टार्टअप हब, IndiaAI और डिजिटल इंडिया के संयुक्त सहयोग से संपन्न हो रहा है।
इतने बड़े स्तर के सरकारी और निजी संगठनों का एक साथ आना इस बात का संकेत है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भारत की रणनीति अब धरातल पर उतर रही है।
चर्चा के केंद्र में होगा एआई का भविष्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एआई के क्षेत्र में भारत की भविष्य की दिशा तय करना है। विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:
- नवाचार और विकास: एआई तकनीक का उपयोग कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में कैसे क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
- नीति निर्धारण: एआई के नैतिक उपयोग और इसकी सुरक्षा के लिए सरकारी नीतियों का ढांचा तैयार करना।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: नए स्टार्टअप्स को एआई के क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और निवेश से कैसे जोड़ा जाए।
- स्किल गैप: उद्योगों की जरूरतों और छात्रों की तकनीकी दक्षता के बीच के अंतर को कम करना।
युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए सुनहरा अवसर
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मीडिया सेंटर के अनुसार, यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए डिजाइन किया गया है। एआई के दौर में रोजगार के नए अवसर कहां पैदा हो रहे हैं और आने वाले समय में कौन सी स्किल्स सबसे ज्यादा मांग में होंगी, इस पर विस्तार से सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम उन्नाव और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का मौका देगा।
उन्नाव की बदलती पहचान
आमतौर पर उन्नाव को उद्योगों या राजनीतिक हलचलों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित यह तकनीकी सम्मेलन जिले की छवि को ‘एजुकेशन और टेक सिटी’ के रूप में स्थापित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में एआई जैसी तकनीकों का सबसे बड़ा योगदान होगा, और इस तरह के आयोजन उस नींव को मजबूत करते हैं।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में डिजिटल इंडिया और MeitY स्टार्टअप हब के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे, जो प्रतिभागियों को एआई आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए मिलने वाली सरकारी फंडिंग, ग्रांट और इनक्यूबेशन सुविधाओं की जानकारी देंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने विचारों को व्यापार में बदलने का एक पारदर्शी मंच मिलेगा।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के इस प्रयास की सराहना करते हुए शिक्षा जगत के लोगों ने इसे प्रदेश के तकनीकी विकास की दिशा में एक ‘गेम चेंजर’ बताया है। कल होने वाले इस आयोजन पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यहां से निकलने वाले निष्कर्ष भारत के ‘एआई मिशन’ की अगली कड़ी तय करेंगे।
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