परिजनों ने दोस्त पर जताया कत्ल का शक
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक मजदूर का शव नाले में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुरवा कोतवाली क्षेत्र के कालू खेड़ा रोड पर हुई इस घटना ने पुलिस को उलझा दिया है। प्रथम दृष्टया यह मामला नाले में गिरने से हुई दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा उसके दोस्त पर हत्या का संदेह जताए जाने के बाद अब मामला रहस्यमयी हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गया प्रसाद खेड़ा गांव के पास की है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय राम बाबू पुत्र सुंदर लाल के रूप में हुई है। राम बाबू पेशे से मजदूर थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते थे। शनिवार को उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में कालू खेड़ा रोड के किनारे स्थित एक गहरे नाले में पड़ा मिला। राहगीरों ने जब शव को देखा, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
परिजनों का संगीन आरोप: “हादसा नहीं, साजिश है”
राम बाबू की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने जब शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, तो मृतक के परिजनों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। परिजनों का आरोप है कि राम बाबू शुक्रवार रात अपने एक दोस्त के साथ घर से निकले थे। उनका कहना है कि राम बाबू और उस दोस्त के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।
परिजनों के मुख्य आरोप:
- दोस्त के साथ आखिरी बार देखा गया: राम बाबू के परिवार का दावा है कि वह रात में अपने जिस दोस्त के साथ गए थे, वह वापस आ गया लेकिन राम बाबू नहीं लौटे।
- साजिश की आशंका: परिजनों का कहना है कि राम बाबू को धक्का देकर नाले में गिराया गया है या उसकी हत्या कर शव को वहां ठिकाने लगाया गया है।
- दोस्त का गायब होना: घटना के बाद से ही संदेही दोस्त के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल रही है, जिससे शक की सुई और गहरी हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
पुरवा कोतवाली पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाकर उसका पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
पुलिस निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: क्या शरीर पर चोट के कोई ऐसे निशान हैं जो संघर्ष की ओर इशारा करते हैं?
- सीडीआर (Call Detail Record): राम बाबू के मोबाइल की आखिरी लोकेशन और आखिरी कॉल किसके साथ हुई थी, इसकी जांच की जा रही है।
- दोस्त से पूछताछ: जिस दोस्त पर परिजनों ने संदेह जताया है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
गांव में गम और गुस्से का माहौल
35 वर्षीय राम बाबू की मौत से गया प्रसाद खेड़ा गांव में मातम और आक्रोश दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि राम बाबू एक मेहनती व्यक्ति थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। अब उनके सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि यह हत्या है, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
निष्कर्ष
फिलहाल पुलिस इसे एक दुर्घटना मानकर चल रही है, लेकिन “दोस्त पर संदेह” वाले एंगल ने मामले को पेचीदा बना दिया है। क्या राम बाबू नशे की हालत में नाले में गिरे या उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया? यह अब पुलिसिया जांच और डॉक्टर की रिपोर्ट पर निर्भर है।
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