उन्नाव में भू-माफियाओं पर चला प्रशासन का हंटर: कटरी पीपरखेड़ा में करोड़ों की सरकारी जमीन मुक्त, अवैध निर्माण जमींदोज

उन्नाव: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में उन्नाव जिला प्रशासन ने एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए सदर तहसील क्षेत्र के कटरी पीपरखेड़ा इलाके में करोड़ों रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। वर्षों से इस भूमि पर काबिज भू-माफियाओं के हौसले उस वक्त पस्त हो गए जब भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे बुलडोजर ने अवैध निर्माणों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया।

सालों पुराने ‘साम्राज्य’ पर चला बुलडोजर

मामला सदर तहसील के कटरी पीपरखेड़ा का है, जहां गंगा के कछार से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने लंबे समय से अपनी जड़े जमा रखी थीं। जांच में सामने आया कि माफियाओं ने न केवल जमीन पर कब्जा किया था, बल्कि वहां पक्के निर्माण और बाउंड्री वॉल खड़ी कर उसे अपनी निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित राजस्व टीम ने जब पैमाइश की, तो पाया कि करोड़ों की सरकारी जमीन रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद भू-माफियाओं के चंगुल में थी। बुधवार को जब प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, तो अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया।

भारी विरोध के बीच हुई कार्रवाई

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कुछ कब्जाधारकों ने विरोध करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार की मौजूदगी में बुलडोजर ने एक के बाद एक अवैध बाउंड्री वॉल और कमरों को ध्वस्त कर दिया।

राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मुक्त कराई गई जमीन की बाजार में कीमत कई करोड़ रुपये आंकी जा रही है। प्रशासन ने अब इस भूमि पर सरकारी बोर्ड लगा दिया है और चेतावनी दी है कि यदि दोबारा किसी ने यहां अतिक्रमण करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भू-माफियाओं के नेटवर्क पर प्रशासन की नजर

यह कार्रवाई केवल निर्माण ढहाने तक सीमित नहीं है। प्रशासन अब उन लोगों की कुंडली खंगाल रहा है जिन्होंने सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर या रसूख के दम पर इस जमीन को हड़पने की योजना बनाई थी। सूत्रों की मानें तो इस खेल में कुछ स्थानीय रसूखदारों और सफेदपोशों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

सदर तहसील प्रशासन का कहना है कि कटरी क्षेत्र में जमीन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए भू-माफिया सक्रिय हैं। सरकारी चारागाह, बंजर और तालाब की जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

दहशत में अवैध कब्जाधारक

कटरी पीपरखेड़ा में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले भर के अवैध कब्जाधारकों में खौफ का माहौल है। सालों से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझने वाले लोग अब कागजात दुरुस्त करने और कार्रवाई से बचने के रास्ते तलाश रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि अवैध कब्जों के कारण सरकारी विकास योजनाओं के लिए जमीन मिलना मुश्किल हो जाता था।

Truth India Times की विशेष टिप्पणी

सरकारी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका लाभ आम जनता को मिलना चाहिए। उन्नाव प्रशासन की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन सवाल यह भी है कि आखिर वर्षों तक यह कब्जा बना कैसे रहा? क्या तत्कालीन राजस्व कर्मियों की मिलीभगत थी? प्रशासन को केवल निर्माण गिराने तक नहीं रुकना चाहिए, बल्कि उन अधिकारियों और भू-माफियाओं के सांठगांठ की भी जांच करनी चाहिए जिन्होंने सरकारी संपत्ति की बंदरबांट होने दी।

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