तमाशबीन बनी रही थाना पुलिस; अब SP की चौखट पर पहुंची लहूलुहान पीड़िता
उन्नाव | (प्रलभ शरण चौधरी – ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में जमीन की भूख और रंजिश इस कदर हावी हो गई है कि सगे रिश्ते और इंसानियत तार-तार हो रही है। ताजा मामला अचलगंज थाना क्षेत्र के ईश्वरीय खेड़ा गांव का है, जहाँ जमीन के एक टुकड़े के लिए दो पक्ष आपस में भिड़ गए। सड़क पर बीचों-बीच हुए इस खूनी संघर्ष का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। लेकिन इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘खाकी’ की सुस्ती है। पीड़िता का आरोप है कि थाने के चक्कर काटकर थकने के बाद भी जब न्याय नहीं मिला, तब उसे मजबूरन पुलिस अधीक्षक (SP) की शरण लेनी पड़ी।
मैदान-ए-जंग बना गांव: लाठी-डंडों से हुआ फैसला
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कानून का खौफ किस कदर खत्म हो चुका है। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस होती है और देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में तब्दील हो जाता है। वीडियो में पुरुष ही नहीं, महिलाएं भी एक-दूसरे पर लाठी-डंडे बरसाती नजर आ रही हैं। चीख-पुकार और गाली-गलौज के बीच गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद जमीन के बंटवारे और उस पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से सुलग रहा था। मंगलवार को यह चिंगारी शोला बन गई और दोनों पक्षों ने लात-घूंसों और डंडों से एक-दूसरे का ‘इलाज’ करना शुरू कर दिया।
पीड़िता का संगीन आरोप: “थानेदार ने नहीं सुनी गुहार”
इस खूनी संघर्ष में घायल हुई सरिता यादव (पत्नी विवेक यादव) ने हिम्मत जुटाकर न्याय की लड़ाई शुरू की है। बुधवार को पीड़िता एसपी कार्यालय पहुंची और शिकायती पत्र सौंपकर अपनी आपबीती सुनाई। सरिता का आरोप है कि मारपीट की घटना के तुरंत बाद उसने अचलगंज पुलिस को फोन किया और थाने जाकर तहरीर भी दी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे दुत्कार कर भगा दिया।
सरिता ने बताया, “विपक्षी दबंग किस्म के लोग हैं। उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को बेरहमी से पीटा। हमें गंभीर चोटें आईं, लेकिन अचलगंज पुलिस आरोपियों के दबाव में है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो हमारी एफआईआर दर्ज की गई और न ही किसी दोषी को पकड़ा गया। पुलिस की इस ढिलाई से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं।”
वायरल वीडियो ने खोली पुलिसिया दावों की पोल
अक्सर पुलिस यह दावा करती है कि वे सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचते हैं, लेकिन इस मामले में वायरल वीडियो ने अचलगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जब घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ और लोग पुलिस को टैग कर सवाल पूछने लगे, तब जाकर महकमे में हलचल शुरू हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते जमीनी विवाद का निपटारा कर देती या पहली शिकायत पर सख्त रुख अपनाती, तो सड़क पर यह तांडव न होता।
SP कार्यालय से जगी न्याय की उम्मीद
पीड़िता सरिता यादव की शिकायत को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। एसपी ने मामले की जांच के आदेश देते हुए अचलगंज पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। पीड़िता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने शिकायत के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया।
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि, “वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में है। दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है। साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर ली गई है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।”
उन्नाव में बढ़ते जमीनी विवाद: एक गंभीर समस्या
उन्नाव के अचलगंज, गंगाघाट और सदर क्षेत्रों में जमीनी विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अक्सर राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण छोटे-छोटे विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील स्तर पर निस्तारण न होने के कारण ग्रामीण आपस में लड़ने को मजबूर हैं, जिसका खामियाजा महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ता है।
निष्कर्ष: ईश्वरीय खेड़ा की यह घटना केवल एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम की विफलता है जहाँ एक पीड़ित को FIR दर्ज कराने के लिए जिले के सबसे बड़े अधिकारी तक दौड़ लगानी पड़ती है। अब देखना यह होगा कि एसपी के हस्तक्षेप के बाद अचलगंज पुलिस नींद से जागती है या फिर यह फाइल भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चली जाएगी।
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स
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