उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत: सुलह-समझौते से विवादों का होगा निपटारा, जागरूकता रथ रवाना

उन्नाव: जनपद में न्याय की सुलभ और त्वरित प्रक्रिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगामी 14 मार्च को ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की सफलता और आम जनमानस की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला न्यायालय परिसर से एक जागरूकता वाहन (रथ) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को लोक अदालत के लाभों के बारे में जानकारी देगा।

विवादों के त्वरित निपटारे का माध्यम

राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित मुकदमों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से निपटाना है। यह न केवल न्याय प्रक्रिया को गति देता है, बल्कि समय और धन की भी बचत करता है। लोक अदालत में होने वाले निर्णय अंतिम होते हैं और इनमें कोई अपील नहीं होती, जिससे विवादों का पूर्ण और स्थाई समाधान हो जाता है।

जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, बैंक वसूली मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, बिजली व पानी के बिल से संबंधित मामले और राजस्व संबंधी मुकदमों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।

जागरूकता रथ का उद्देश्य

जिला न्यायालय परिसर से रवाना किया गया यह जागरूकता वाहन शहर और ग्रामीण अंचलों में भ्रमण करेगा। इस वाहन के माध्यम से आम जनता को यह बताया जा रहा है कि वे अपने लंबित मामलों को लोक अदालत में कैसे रख सकते हैं। कर्मचारियों और पैरा-लीगल वालंटियर्स की टीम लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि लोक अदालत में “न किसी की हार होती है और न किसी की जीत,” बल्कि इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का सौहार्दपूर्ण अंत होता है।

आम नागरिकों से अपील

अधिकारियों ने जिले के उन सभी नागरिकों से अपील की है जिनके मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, कि वे 14 मार्च को आयोजित लोक अदालत में पहुंचकर अपने मामलों का निस्तारण कराएं। इससे वे न केवल अदालती चक्करों से मुक्ति पाएंगे, बल्कि समाज में शांति और भाईचारे का संदेश भी देंगे।

लोक अदालत की सफलता के लिए जनपद स्तर पर न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अमले और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें भी की जा रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक अदालत का वातावरण पूरी तरह से सरल और तनावमुक्त रखा जाएगा ताकि पक्षकार खुलकर अपनी बात रख सकें और किसी भी तरह के दबाव के बिना समझौता कर सकें।

यह पहल उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो लंबे समय से न्याय की बाट जोह रहे हैं। उन्नाव जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा।


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