जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं के साथ की बैठक
प्रलाभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि को लेकर जनपद उन्नाव का जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय मोड में नजर आ रहा है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के संकल्प के साथ जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में न केवल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, बल्कि जिले के विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं को भी आमंत्रित किया गया ताकि पर्व को आपसी सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जा सके।
धर्मगुरुओं से सीधा संवाद: समस्या आपकी, जिम्मेदारी हमारी
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बैठक की शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। उन्होंने बारी-बारी से सभी धर्मगुरुओं से संवाद किया और उनसे महाशिवरात्रि के दौरान होने वाली संभावित समस्याओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।
धर्मगुरुओं ने मुख्य रूप से शिवालयों के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और जलाभिषेक के लिए आने वाली भीड़ के प्रबंधन का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अफसरों को कड़ी चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए।
अफसरों को सख्त निर्देश: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
डीएम गौरांग राठी ने नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग (PWD) और विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।
- सफाई व्यवस्था: प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- बिजली और पानी: जलाभिषेक के समय मंदिरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- सड़क मरम्मत: कांवड़ियों के मार्ग में यदि कहीं गड्ढे या गंदगी है, तो उसे तत्काल ठीक करने के आदेश दिए गए हैं ताकि शिवभक्तों को पैदल चलने में परेशानी न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुलिस प्रशासन अलर्ट
बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखने की योजना बनाई गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शोभायात्राओं और कांवड़ यात्राओं के मार्गों का पहले ही भौतिक सत्यापन कर लिया जाए ताकि कहीं भी बिजली के ढीले तार या अन्य कोई अवरोध न रहे।
आपसी सौहार्द की अपील
जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं से अपील की कि वे समाज में शांति और भाईचारे का संदेश दें। उन्होंने कहा कि उन्नाव हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र रहा है, और हमें इस परंपरा को बरकरार रखते हुए हर त्योहार को मिल-जुलकर मनाना है। प्रशासन ने यह भी साफ किया कि यदि कोई भी अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
महाशिवरात्रि को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी की यह पहल दर्शाती है कि प्रशासन किसी भी बड़ी घटना या अव्यवस्था का इंतजार करने के बजाय ‘प्री-एक्टिव’ होकर काम कर रहा है। धर्मगुरुओं और अफसरों के बीच का यह समन्वय निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव लेकर आएगा।
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