मरहला चौराहे पर 2 महीने बाद लौटी रौनक: शुक्लागंज से उन्नाव का रास्ता खुला, अब दूसरी लेन पर लगेगा पहरा
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मरहला चौराहे से गुजरने वाले मुसाफिरों के लिए गुरुवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के चलते पिछले दो महीनों से बंद पड़ा शुक्लागंज-उन्नाव मार्ग अब यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। हालांकि, निर्माण के अगले चरण की शुरुआत के कारण अब उन्नाव से शुक्लागंज जाने वाली लेन को बंद किया गया है, जिससे ट्रैफिक का नया खाका तैयार किया गया है।
नवंबर से जारी था ‘चक्रव्यूह’, अब मिली राहत
याद दिला दें कि पिछले साल नवंबर महीने में पिलर नंबर 25 पर स्लैब डालने का काम शुरू हुआ था। सुरक्षा और निर्माण की तकनीकी जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने शुक्लागंज से उन्नाव आने वाली लेन को बंद कर दिया था। इसके कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को लंबा चक्कर काटकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा था।
कार्यदायी संस्था ने निर्धारित समय के भीतर पिलर नंबर 25 का स्लैब कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, जिसके बाद गुरुवार को बैरिकेडिंग हटाकर मार्ग खोल दिया गया। मार्ग खुलते ही मरहला चौराहे पर हलचल बढ़ गई और व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनके व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा था।
अगला मिशन: पिलर नंबर 26, अब इस तरफ रहेगा डायवर्जन
एक तरफ का रास्ता खुला है, तो दूसरी तरफ निर्माण की नई चुनौती सामने है। अब कार्यदायी संस्था पिलर नंबर 26 के बीच स्लैब डालने की तैयारी में है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अब उन्नाव से शुक्लागंज की ओर जाने वाली लेन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारी भरकम स्लैब रखने के दौरान नीचे से यातायात गुजरना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए यह कड़ा फैसला लिया गया है। इस बदलाव के कारण अब उन्नाव से शुक्लागंज जाने वाले वाहनों को डायवर्टेड रूट का पालन करना होगा। यातायात पुलिस ने मौके पर संकेतक बोर्ड (Sign Boards) लगवा दिए हैं ताकि चालकों को भ्रम न हो।
ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी और वैकल्पिक मार्ग
मरहला चौराहे की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि नया डायवर्जन लागू होने के शुरुआती दिनों में जाम की स्थिति बन सकती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्माण स्थल के पास गति धीमी रखें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
समय से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
आरओबी निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों का कहना है कि उनका लक्ष्य इस ओवरब्रिज को डेडलाइन से पहले जनता को समर्पित करना है। पिलर नंबर 26 का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण के दौरान जनता को होने वाली परेशानी का हमें अहसास है, लेकिन एक बार यह आरओबी तैयार हो गया तो मरहला चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
जनता की उम्मीदें: कब खत्म होगा ‘जाम का जाम’?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मरहला चौराहा उन्नाव की लाइफलाइन है। आरओबी बनने से शुक्लागंज और कानपुर जाने वाली राह आसान हो जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इसी तरह सक्रियता दिखाते हुए निर्माण कार्य को गति देगा। वर्तमान में शुक्लागंज से आने वाली लेन खुलने से आधे शहर को बड़ी राहत मिली है, अब बस इंतजार है तो पूरे ब्रिज के चालू होने का।
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