लखनऊ-कानपुर हाईवे बना ‘पार्किंग लॉट’: 8 किलोमीटर तक रेंगते रहे वाहन, एएसपी ने खुद संभाली कमान, घंटों बेहाल रहे मुसाफिर

लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार को सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए दोपहर का वक्त किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रहा। हाईवे की ‘कानपुर लेन’ पर करीब 8 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिसने यातायात व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी। गहरा बाईपास से लेकर जाजमऊ पुल तक वाहनों की ऐसी कतार लगी कि पहिए पूरी तरह थम गए। इस महाजाम में आम जनता से लेकर वीआईपी और एम्बुलेंस तक घंटों फंसी रहीं।

गहरा बाईपास से जाजमऊ तक हाहाकार

गुरुवार दोपहर अचानक शुरू हुआ यह जाम देखते ही देखते बेकाबू हो गया। देखते ही देखते हाईवे का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के धुएं और हॉर्न के शोर से भर गया। जाजमऊ पुल से शुरू हुआ दबाव पीछे गहरा बाईपास तक पहुंच गया। जाम इतना जबरदस्त था कि दोपहिया वाहनों को भी निकलने की जगह नहीं मिल रही थी।

सबसे बुरा हाल उन मुसाफिरों का था जो जरूरी काम से कानपुर या आगे के सफर पर निकले थे। भीषण धूप और उमस के बीच वाहनों में फंसे लोग बेहाल नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई यात्री तो बसों से उतरकर पैदल ही मंजिल की ओर बढ़ते दिखे, क्योंकि गाड़ियाँ टस से मस नहीं हो रही थीं।

एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे भी फंसे, एएसपी ने संभाला मोर्चा

जाम की भयावहता की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अखिलेश सिंह स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने गहरा बाईपास और अचलगंज क्षेत्र का दौरा किया और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मोर्चा संभालने के निर्देश दिए।

जाम में कई एम्बुलेंस फंसी नजर आईं, जिनके सायरन की आवाज ट्रैफिक के शोर में दबकर रह गई। वहीं, छुट्टी के बाद घर लौट रहे स्कूली बच्चों की वैन और बसें भी घंटों फंसी रहीं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। एएसपी ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि सबसे पहले एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को रास्ता दिया जाए।

आखिर क्यों लगा ‘महाजाम’? अधिकारियों ने मांगा जवाब

हाईवे पर लगे इस 8 किलोमीटर लंबे जाम ने अचलगंज और गंगाघाट थाना क्षेत्र की सीमाओं को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था। एएसपी अखिलेश सिंह ने मौके पर मौजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों से जाम लगने के मूल कारणों पर तीखे सवाल किए। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर वाहनों के अत्यधिक दबाव और कुछ खराब वाहनों को जाम का कारण माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन अब इसकी गहनता से जांच कर रहा है।

अधिकारियों ने ट्रैफिक विभाग को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को सुधारा जाए। जाम को देखते हुए कुछ छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों और सर्विस रोड की तरफ डायवर्ट किया गया, तब जाकर स्थिति कुछ संभली।

शाम ढले मिली राहत, मुसाफिरों ने जताई नाराजगी

काफी मशक्कत और घंटों की कड़ी मेहनत के बाद देर शाम वाहनों की रफ़्तार धीरे-धीरे बढ़नी शुरू हुई। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर हाईवे की लेन को क्लियर कराया। हाईवे पर फंसे ट्रक ड्राइवरों और बस यात्रियों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी देखी गई। राहगीरों का कहना था कि इस हाईवे पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन प्रशासन के पास इसका कोई स्थाई समाधान नहीं है।

प्रशासन का कहना है कि वे हाईवे पर जाम के हॉटस्पॉट चिन्हित कर रहे हैं ताकि भविष्य में सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके। फिलहाल, हाईवे पर यातायात सामान्य हो रहा है, लेकिन रफ़्तार अभी भी धीमी बनी हुई है।

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