उन्नाव में नशेड़ी बेटे ने लोहे की रॉड से मां को उतारा मौत के घाट
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक बेटे ने, जिसे मां ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां के सिर पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार कर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया। हृदय विदारक पहलू यह है कि जिस समय यह हमला हुआ, बुजुर्ग मां घर के बाहर बैठकर जाड़े की धूप का आनंद ले रही थी।
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कंजा खेड़ा मजरा पीपर खेड़ा गांव में घटी इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मौके से खून से सनी लोहे की रॉड बरामद कर ली है और फरार ‘हैवान’ बेटे की तलाश में दबिश दे रही है।
धूप सेंक रही थी मां, काल बनकर आया बेटा
शुक्रवार की दोपहर करीब 1 बजे का समय था। 50 वर्षीया शांति देवी अपने घर के बाहर शांति से बैठी धूप सेंक रही थीं। उन्हें आभास भी नहीं था कि उनके ही कोख से जन्मा छोटा बेटा राजन उनके लिए काल बनकर सामने खड़ा होगा।
अचानक घर के अंदर से राजन निकला और अपनी मां से उलझने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह किसी बात को लेकर भद्दी-भद्दी गालियां दे रहा था। जब शांति देवी ने उसे डांटा और चुप रहने को कहा, तो राजन के अंदर का शैतान जाग उठा। उसने पास ही पड़ी लोहे की एक भारी रॉड उठाई और बिना सोचे-समझे अपनी मां के सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया।
सिर फटने तक करता रहा वार, तड़पकर तोड़ा दम
हमला इतना बर्बर था कि शांति देवी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। राजन ने एक के बाद एक कई वार किए, जिससे उनका सिर बुरी तरह फट गया और आंगन खून से लाल हो गया। शांति देवी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं और दर्द से छटपटाने लगीं। चीख-पुकार सुनकर जब तक पड़ोसी मदद के लिए दौड़ते, आरोपी राजन उन्हें मरणासन्न स्थिति में छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुछ ही पलों में ममता की मूरत ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
नशे की लत ने छीनी मां की ममता
प्रारंभिक जांच और पड़ोसियों के बयानों से जो सच सामने आया है, वह समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। आरोपी राजन शराब का आदि था। नशे की लत ने उसे इतना अंधा कर दिया था कि वह अक्सर घर में अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। शांति देवी एक मां का धर्म निभाते हुए उसे नशे से रोकती थीं और अपनी बहू का पक्ष लेती थीं। यही बात राजन को चुभती थी।
नशे के विरोध को राजन ने अपनी ‘शान’ के खिलाफ समझा और अंततः एक मामूली विवाद को बहाना बनाकर अपनी मां की जीवनलीला समाप्त कर दी। पड़ोसियों का कहना है कि वारदात के समय भी वह नशे में धुत था।
उजड़ गया परिवार: पति की मौत के बाद सहारा थे बेटे
शांति देवी के जीवन का संघर्ष बहुत लंबा था। कुछ साल पहले बीमारी के कारण उनके पति की मृत्यु हो गई थी। पति के जाने के बाद उन्होंने मजदूरी कर अपने दो बेटों, राजेश और राजन को पाला था। उन्हें उम्मीद थी कि बुढ़ापे में ये बेटे उनकी लाठी बनेंगे। बड़ा बेटा राजेश, जो घटना के समय गांव से बाहर था, उसे जब मां की हत्या की खबर मिली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बदहवास हालत में घर की ओर दौड़ा, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
पुलिस की कार्रवाई और ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ का स्टैंड
गंगाघाट कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारे बेटे को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हमारी राय: यह केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि उस सामाजिक सुरक्षा चक्र की हार है जहाँ नशा रिश्तों पर हावी हो रहा है। उन्नाव पुलिस को इस मामले में ऐसी मिसाल पेश करनी चाहिए कि दोबारा कोई बेटा अपनी मां पर हाथ उठाने की हिम्मत न कर सके।
सख्त संदेश: शराब और नशे की लत केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देती है। यदि आपके आसपास भी कोई नशे में हिंसा करता है, तो उसे चुपचाप सहने के बजाय पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की मदद लें, ताकि शांति देवी जैसी किसी और मां को अपनी जान न गंवानी पड़े।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.