180 मिनट में खत्म किया परिजनों का इंतजार
प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक राहत भरी और पुलिस की कार्यकुशलता को साबित करने वाली खबर सामने आई है। असोहा थाना क्षेत्र में अचानक लापता हुए दो नाबालिग बच्चों को पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। जब चारों तरफ बच्चों के साथ अनहोनी की आशंका से कोहराम मचा था, तब पुलिस की त्वरित घेराबंदी और सक्रियता ने मासूमों को उनके परिजनों तक पहुँचा दिया। बच्चों को सही-सलामत देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार, असोहा थाना क्षेत्र के एक गांव से दो नाबालिग बच्चे अचानक घर से खेलते-खेलते लापता हो गए। परिजनों ने काफी देर तक आसपास और रिश्तेदारों के यहाँ तलाश की, लेकिन जब बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं लगा, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। ग्रामीण इलाकों में बच्चों के गायब होने की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई और तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं।
परिजनों ने बिना समय गंवाए तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए असोहा पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
पुलिस की ‘सुपरफास्ट’ कार्रवाई
सूचना मिलने के तुरंत बाद असोहा थाना प्रभारी ने पुलिस की कई टीमें गठित कीं। पुलिस ने न केवल गांव की गलियों को खंगाला, बल्कि संभावित रास्तों, खेतों और बस स्टैंडों पर भी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। डायल 112 की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सूचना के हर बिंदु पर काम किया।
पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूचना मिलने के ठीक 3 घंटे के भीतर बच्चों के लोकेशन का पता लगा लिया गया। पुलिस टीमों ने बच्चों को सुरक्षित बरामद किया और तत्काल थाने लेकर आई। इस दौरान पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों का ख्याल रखा और उन्हें डरे हुए माहौल से बाहर निकाला।
परिजनों ने ली राहत की सांस
जैसे ही बच्चों के मिलने की खबर परिजनों तक पहुँची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। थाने पहुँचे परिजनों ने जब अपने कलेजे के टुकड़ों को सही-सलामत देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। परिजनों ने उन्नाव पुलिस और असोहा थाना टीम का बार-बार आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्यशैली की जमकर तारीफ की है, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में देरी होने पर अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं।
पुलिस की अपील: बच्चों पर रखें नजर
इस सफल अभियान के बाद पुलिस ने आम जनमानस से भी अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके खेलकूद के दौरान उन पर नजर रखें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या गायब होने की सूचना पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्नाव पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित कार्रवाई ने समाज में खाकी के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। महज 180 मिनट के भीतर बच्चों को ढूँढ निकालना जिले की कानून व्यवस्था और सूचना तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
Truth India Times की विशेष टिप्पणी
अक्सर पुलिस पर ढिलाई के आरोप लगते हैं, लेकिन उन्नाव की इस घटना ने दिखाया है कि अगर इरादे नेक हों और तकनीक (डायल 112) का सही उपयोग हो, तो पुलिस किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। असोहा पुलिस की यह तत्परता अन्य जिलों की पुलिस के लिए भी एक मिसाल है। उन दो मासूमों की मुस्कान ही आज के लिए पुलिस का सबसे बड़ा ईनाम है।
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