'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत बचाई यात्री की जान
प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times
बांदा। रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक सतर्क प्रधान आरक्षक ने अपनी जान पर खेलकर एक यात्री को ट्रेन की चपेट में आने से बचा लिया। इस साहसी कार्य की स्टेशन पर मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों ने जमकर प्रशंसा की।
भीड़ प्रबंधन के दौरान हुआ हादसा
दिनांक 18 जनवरी 2026 को बांदा शहर में आयोजित धार्मिक कथा के कारण रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी अपने स्टाफ के साथ मुस्तैद थीं और यात्रियों को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाकर रवाना करवा रही थीं।
शाम करीब 07:00 बजे जब गाड़ी संख्या 64601 (मानिकपुर-कानपुर पैसेंजर) प्लेटफार्म नंबर 01 पर आ रही थी, तभी एक पुरुष यात्री चलती ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म पर घिसटने लगा।
आरक्षक की जांबाजी से टली अनहोनी
ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक राजाराम यादव ने जैसे ही यात्री को गिरते देखा, उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तुरंत दौड़ लगाई। आरक्षक ने फुर्ती दिखाते हुए यात्री को खींचकर ट्रेन की चपेट में आने से बाहर निकाला। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो यात्री ट्रेन के नीचे आ सकता था।
यात्रियों को दी जा रही है चेतावनी
घटना के बाद आरपीएफ निरीक्षक द्वारा लगातार अनाउंसमेंट करवाकर यात्रियों और श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है। निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने अपील की है कि:
किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।
भीड़भाड़ के समय धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक अनमोल जीवन बचाया, बल्कि विभाग की तत्परता की मिसाल भी पेश की है।
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