दबंगों ने महिलाओं और बच्चों को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
उन्नाव। प्रलभ शरण चौधरी / ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ और ‘महिला सुरक्षा’ के बड़े-बड़े दावों के बीच उन्नाव जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सभ्य समाज को शर्मसार कर देने वाली है। मौरावां थाना क्षेत्र के वलिया गांव में दबंगों ने सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए महिलाओं और मासूम बच्चों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बरता का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लाठियां भांजते दबंग और चीखते-चिल्लाते बच्चे प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
रूह कंपा देने वाला ‘लाइव’ हमला
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दबंग पिंटू और उसके गुर्गे निहत्थी महिलाओं को घेरकर उन पर भारी लाठियां बरसा रहे हैं। महिलाएं जान बचाने के लिए इधर-बधर भाग रही हैं, लेकिन आरोपी उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं। सबसे हृदयविदारक दृश्य वह है जहाँ छोटे-छोटे बच्चे अपनी माताओं को बचाने के लिए चीख रहे हैं, लेकिन पत्थर दिल दबंगों ने उन मासूमों को भी नहीं बख्शा। हमले में दीपा, नीलम, चंद्रावती और आराधना सहित कई महिलाएं और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनके शरीर पर नीले पड़े चोट के निशान दरिंदगी की कहानी बयां कर रहे हैं।
मामूली विवाद और ‘हिस्ट्रीशीटर’ का आतंक
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली बात से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते इसने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। मुख्य आरोपी पिंटू के बारे में ग्रामीणों का कहना है कि वह इलाके का कुख्यात दबंग है और उस पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आपराधिक इतिहास होने के बावजूद खुलेआम घूम रहे ऐसे अपराधियों ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर रखा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमला करने के बाद दबंगों ने सरेआम जान से मारने की धमकी दी है, जिससे पूरा परिवार घर में कैद होने को मजबूर है।
एसपी दफ्तर की चौखट पर न्याय की गुहार
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दरवाजा खटखटाया है। एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ितों ने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई और बताया कि कैसे दबंगों ने उनके घर में घुसकर तांडव मचाया। पीड़ितों का कहना है कि अगर पिंटू और उसके साथियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे किसी भी समय बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स का विश्लेषण: आखिर कब तक?
यह घटना केवल एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासन के इकबाल पर सवालिया निशान है।
- अपराधियों में डर क्यों नहीं?: जब एक व्यक्ति पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, तो वह लाठी लेकर महिलाओं को पीटने की हिम्मत कैसे कर पा रहा है?
- पुलिस की सुस्ती: वीडियो वायरल होने और पीड़ितों के घायल होने के बावजूद अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
- महिला सुरक्षा का दावा: जहाँ सरकार नारी वंदन और सुरक्षा की बात कर रही है, वहीं वलिया गांव की ये महिलाएं आज अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
प्रशासन से हमारी मांग
‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ इस मामले में शासन और प्रशासन से कुछ कड़े सवालों के साथ समाधान की मांग करता है:
- तत्काल गिरफ्तारी: वायरल वीडियो के आधार पर चिन्हित कर मुख्य आरोपी पिंटू और उसके सहयोगियों को तत्काल सलाखों के पीछे भेजा जाए।
- गुंडा एक्ट की कार्रवाई: आदतन अपराधी होने के नाते आरोपियों पर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी जुर्रत न करे।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा: जब तक आरोपी जेल नहीं जाते, पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक्शन: यदि स्थानीय थाने ने पहले दी गई शिकायतों को नजरअंदाज किया है, तो संबंधित बीट सिपाही और दरोगा पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस का पक्ष
मामले के तूल पकड़ने के बाद मौरावां थाना पुलिस ने कहा है कि घायलों का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि वीडियो में दिख रहे चेहरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
उन्नाव की यह घटना एक टेस्ट केस है। क्या उत्तर प्रदेश पुलिस इन दबंगों पर ऐसा प्रहार करेगी कि फिर कभी कोई महिलाओं और बच्चों पर लाठी उठाने की हिम्मत न करे? जनता की नजरें अब एसपी उन्नाव के एक्शन पर टिकी हैं।
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