धू-धू कर जली गाड़ी, चालक ने कूदकर बचाई जान
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में सोमवार रात एक भीषण हादसा होते-होते बचा। कानपुर-उन्नाव मार्ग पर स्थित सिंगरोसी मोड़ के पास एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि कार चला रहे युवक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। यह घटना वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के ठीक सामने हुई, जिससे सड़क पर आने-जाने वाले राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।
अचानक इंजन से निकलने लगी लपटें
मिली जानकारी के अनुसार, कार चालक सोमवार रात कानपुर की ओर से उन्नाव की तरफ आ रहा था। जैसे ही कार सिंगरोसी मोड़ के पास वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के सामने पहुँची, अचानक बोनट से धुआं निकलने लगा। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आग की लपटें इंजन से बाहर आने लगीं। कार के अंदर धुआं भरते ही चालक ने बिना देरी किए दरवाजा खोला और बाहर की ओर छलांग लगा दी।
चालक के कूदते ही कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रुक गई और कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई। रात के अंधेरे में आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोग सहम गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई।
शॉर्ट सर्किट हो सकती है वजह
शुरुआती जांच और चश्मदीदों की मानें तो आग लगने का कारण कार में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। अक्सर पुरानी कारों या बाहरी तौर पर कराई गई वायरिंग में गड़बड़ी की वजह से इस तरह के हादसे होते हैं। गर्मी या इंजन के ओवरहीट होने के कारण भी बिजली के तारों में आग लग जाती है। इस मामले में भी कार के इंजन के पास से ही आग की शुरुआत हुई थी।
घटना के दौरान कार में केवल चालक ही सवार था। अगर कार में परिवार के अन्य सदस्य या बच्चे होते, तो हादसा बेहद दर्दनाक हो सकता था। चालक ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उसे गाड़ी रोकने तक का समय नहीं मिला और जान बचाने के लिए चलती कार से ही कूदना पड़ा।
ट्रैफिक हुआ प्रभावित, मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद कानपुर-उन्नाव मार्ग पर आवाजाही कुछ देर के लिए थम गई। सड़क के बीचों-बीच जलती हुई कार को देखकर वाहन चालकों ने अपने वाहन दूर ही रोक लिए, क्योंकि धमाके की आशंका बनी हुई थी। वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के पास मौजूद स्थानीय लोग और दुकानदार भी सुरक्षित दूरी बनाकर तमाशा देखते रहे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और यातायात को सुचारू कराने का प्रयास किया।
दमकल की गाड़ी आने से पहले ही कार का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो चुका था। बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक गाड़ी केवल लोहे का ढांचा बनकर रह गई थी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
यह कोई पहला मामला नहीं है जब चलते वाहन में आग लगी हो। ‘Truth India Times’ के माध्यम से प्रलभ शरण चौधरी पाठकों को सचेत करते हैं कि अपने वाहनों की समय-समय पर सर्विस जरूर कराएं। गाड़ियों में अनधिकृत रूप से सीएनजी किट या एक्स्ट्रा लाइट लगवाने से वायरिंग पर दबाव पड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर रात के समय लंबे सफर पर निकलने से पहले कूलेंट और इंजन ऑयल की जांच अवश्य करें।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने फिलहाल जले हुए वाहन को सड़क से हटवाकर किनारे कर दिया है ताकि यातायात प्रभावित न हो। कार मालिक की पहचान कर ली गई है और मामले की छानबीन जारी है। गनीमत रही कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, वरना वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के पास रिहायशी इलाका होने के कारण नुकसान बड़ा हो सकता था।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सिंगरोसी मोड़ और कानपुर रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन चलती गाड़ी में इस तरह आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और वाहन फिटनेस पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
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