16 घंटे में बरामद किए 3 मासूम
(प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
उन्नाव : उन्नाव पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए गुमशुदा हुए तीन मासूम बच्चों को मात्र 16 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने न केवल तीन परिवारों के आंगन में खुशियां लौटाईं, बल्कि विभाग का मान भी बढ़ाया है। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने पुलिस टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
मंगलवार को लापता हुए थे मासूम, गंगाघाट पर मिले
घटना की शुरुआत बीते मंगलवार को हुई थी, जब अजगैन थाना क्षेत्र से दो बच्चियों और एक बच्चे के अचानक गुमशुदा होने की खबर से हड़कंप मच गया। परिजनों ने अत्यंत घबराए हुए हालात में पुलिस को सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया। मुखबिरों को सक्रिय करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से सघन पूछताछ की गई। पुलिस की कड़ी मेहनत तब रंग लाई जब बुधवार को, यानी सूचना मिलने के मात्र 16 घंटे के भीतर, तीनों बच्चों को थाना गंगाघाट क्षेत्रांतर्गत मिश्रा घाट पर बालू में खेलते हुए सकुशल बरामद कर लिया गया।
थाना परिसर में गूंजी तालियां: एसएसपी ने किया सम्मानित
गुरुवार को अजगैन थाना परिसर में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहाँ बच्चों की सुरक्षित वापसी का जश्न मनाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने बच्चों को ढूंढने वाली टीम की पीठ थपथपाई। एसएसपी ने पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया।
समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद और सहायक पुलिस अधीक्षक संचित शर्मा भी मौजूद रहे। एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिस तत्परता से टीम ने काम किया, उससे समाज में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।”
📊 सम्मानित पुलिस टीम का विवरण
| नाम/पद | मुख्य भूमिका |
| अरविंद कुमार चौरसिया | क्षेत्राधिकारी, हसनगंज (टीम नेतृत्व) |
| सुरेश कुमार सिंह | प्रभारी निरीक्षक, अजगैन |
| मुकुल दुबे | उपनिरीक्षक |
| पुलिस टीम सदस्य | हेड कांस्टेबल अमित यादव, कांस्टेबल योगेश, शुभम, पुष्पेंद्र, अनूप, रंजीत, सूरज पाल, जेंदल और महिला कांस्टेबल राखी यादव |
शिक्षा की ओर कदम: सीओ हसनगंज की मानवीय पहल
पुलिस की यह कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एक गहरी मानवीय संवेदना भी देखने को मिली। मिशन शक्ति केंद्र अजगैन में बरामद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें स्कूल बैग, पेंसिल बॉक्स, ड्राइंग किट, स्वेटर, टोपी और मोजे जैसे उपहार भेंट किए गए।
सबसे भावुक पल तब आया जब पता चला कि बरामद बच्चों में से एक बच्ची स्कूल नहीं जाती थी। इस पर क्षेत्राधिकारी (CO) हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया ने संज्ञान लेते हुए उस बच्ची के तत्काल स्कूल प्रवेश के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। पुलिस की इस पहल ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया।
परिजनों ने जताया आभार
अपने जिगर के टुकड़ों को वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने उन्नाव पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस सक्रियता न दिखाती तो शायद आज उनके बच्चे उनके पास न होते। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस के इस “ह्यूमन फेस” (मानवीय चेहरा) की जमकर तारीफ की है।
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