ठेकेदार की लापरवाही ने ली 25 साल के सुशील की जान?
उन्नाव (औरास): उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है। जिस स्कूल की दीवारों को बच्चों के भविष्य के लिए जर्जर घोषित किया गया था, वही दीवारें एक मजदूर के लिए काल बन गईं। औरास थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ‘टिकरा बाव’ में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उम्र भर के लिए छीन लीं।
नीलामी के बाद शुरू हुआ ‘खूनी’ खेल?
मामला प्राथमिक विद्यालय टिकरा बाव के पुराने और जर्जर भवन का है। सोमवार को प्रशासन द्वारा इस भवन की नीलामी की गई थी। नीलामी के बाद ठेकेदार राजू (पुत्र गुरु प्रसाद मौर्य) ने तुरंत ही भवन को गिराने का काम शुरू करवा दिया। मजदूर सुशील (25 वर्ष) अपने साथी कन्हैया और पच्चू के साथ एक कमरे की दीवार तोड़ने के काम में लगा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीवारें इतनी जर्जर थीं कि उनमें जरा सी चोट मारते ही पूरा ढांचा डगमगा रहा था। दोपहर के वक्त जब सुशील दीवार के निचले हिस्से पर काम कर रहा था, तभी पूरी दीवार भरभराकर उसके ऊपर गिर पड़ी। सुशील मलबे के नीचे दब गया और उसके सिर में गहरी चोटें आईं।
मलिहाबाद अस्पताल में तोड़ा दम: चीखों से गूंजा अस्पताल
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथी मजदूरों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर सुशील को बाहर निकाला। उसे तुरंत निजी वाहन और एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मलिहाबाद, लखनऊ ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन सिर में लगी चोटें इतनी घातक थीं कि इलाज के दौरान ही सुशील ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे टिकरा बाव में मातम छा गया।
पांच बहनों का इकलौता भाई, परिवार का इकलौता सहारा
सुशील की मौत सिर्फ एक मजदूर की मौत नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के खत्म होने जैसा है। सुशील अपने पांच बहनों में इकलौता भाई था। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उनके पास नाममात्र की खेती है। सुशील ही दिन-रात मेहनत करके अपनी मां और पांच बहनों का पेट पालता था। अभी तक किसी भी बहन की शादी नहीं हुई थी। परिवार की आंखों में अपनी बहनों के हाथ पीले करने का जो सपना सुशील ने सजाया था, वो जर्जर दीवार के मलबे में दबकर दम तोड़ गया।
ठेकेदार की लापरवाही या प्रशासनिक अनदेखी?
इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जर्जर भवन गिराते समय सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया गया था? क्या मजदूरों को हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण दिए गए थे? ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना किसी ठोस सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों को मौत के मुंह में धकेल दिया। नीलामी के तुरंत बाद जिस हड़बड़ी में काम शुरू किया गया, वह संदेह के घेरे में है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने पर औरास और मलिहाबाद पुलिस सक्रिय हुई। मलिहाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अगर परिजनों की ओर से तहरीर मिलती है, तो ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा।
निष्कर्ष: ट्रुथ इंडिया टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट
जर्जर स्कूलों की हालत यूपी में अक्सर चर्चा का विषय रहती है, लेकिन टिकरा बाव की इस घटना ने सिस्टम की पोल खोल दी है। एक गरीब मजदूर की जान की कीमत क्या सिर्फ कुछ हजार रुपये की नीलामी है? सुशील की पांच बहनों और बूढ़े पिता के आंसुओं का जवाब कौन देगा? क्या प्रशासन ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स (Truth India Times)
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.