18 मार्च तक धरना-प्रदर्शन और भीड़ पर सख्त पाबंदी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आगामी त्योहारों, जयंतियों और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक हलचलों के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी (DM) गौरांग राठी ने जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू करने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 18 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस, सभा या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में होली का महापर्व, विभिन्न महापुरुषों की जयंतियां और कई धार्मिक आयोजन होने वाले हैं। इन आयोजनों में भारी जनसमूह उमड़ने की संभावना है, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, वक्फ बोर्ड से संबंधित प्रस्तावित विधेयक (Waqf Bill) को लेकर विभिन्न संगठनों में व्याप्त असंतोष और विरोध प्रदर्शन की आशंकाओं ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय घटना को रोकने और जिले में सांप्रदायिक सौहार्द व अमन-चैन बनाए रखने के लिए डीएम गौरांग राठी ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
धारा 163 के तहत क्या हैं प्रमुख पाबंदियां?
जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक, अब जिले में निम्नलिखित गतिविधियों पर कड़ा पहरा रहेगा:
- भीड़ पर रोक: सार्वजनिक स्थलों पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के बिना अनुमति एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
- बिना अनुमति जुलूस प्रतिबंधित: किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के कोई जुलूस, धरना या विरोध प्रदर्शन नहीं निकाला जा सकेगा।
- हथियार लेकर चलने पर मनाही: लाइसेंसी शस्त्र, लाठी-डंडा या किसी भी प्रकार के घातक उपकरण सार्वजनिक स्थानों पर ले जाना वर्जित होगा (धार्मिक परंपराओं को छोड़कर)।
- धार्मिक स्थलों पर सतर्कता: मंदिरों, मस्जिदों और अन्य इबादतगाहों के आसपास बिना अनुमति लाउडस्पीकर के प्रयोग और नई परंपरा शुरू करने पर रोक रहेगी।
पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर, ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक (SP) जय प्रकाश सिंह ने बताया कि धारा 163 लागू होते ही जिले के सभी थाना प्रभारियों को मुस्तैद कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों, जैसे कि शहर के मुख्य चौराहे, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र और बस स्टेशनों पर गश्त बढ़ा दी गई है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगरानी के लिए CCTV कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि भीड़भाड़ वाली जगहों पर नजर रखी जा सके। खुफिया तंत्र (LIU) को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी साजिश का समय रहते पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया पर ‘तीसरी आंख’ की नजर
प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (WhatsApp, Facebook, X, Instagram) के लिए भी चेतावनी जारी की है। डीएम ने कहा है कि भड़काऊ पोस्ट, अफवाह फैलाने या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले संदेश साझा करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और सुसंगत धाराओं में कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का साइबर सेल लगातार ग्रुप एडमिन्स और संदिग्ध प्रोफाइल्स की मॉनिटरिंग कर रहा है।
सभी वर्गों से सहयोग की अपील
आदेश जारी करने के बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश किसी विशेष समुदाय या वर्ग को लक्षित नहीं करता है, बल्कि यह जिले की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन को सुचारू रखने के लिए एक अनिवार्य प्रक्रिया है।
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर दें।
उल्लंघन पर होगी जेल
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि धारा 163 का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा सकता है। आगामी 18 मार्च तक प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा ताकि होली और अन्य पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो सकें।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.