डिंपल और अदिति यादव की तस्वीरों से छेड़छाड़
उन्नाव (बांगरमऊ): उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया अब वैचारिक बहस का नहीं, बल्कि ‘चरित्र हनन’ का अखाड़ा बनता जा रहा है। ताज़ा मामला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार से जुड़ा है। सपा की फायरब्रांड नेता और सांसद डिंपल यादव और उनकी बेटी अदिति यादव के खिलाफ फेसबुक पर की गई बेहद आपत्तिजनक पोस्ट ने पूरे प्रदेश के भाजपाइयों और सपाईयों के बीच तनाव पैदा कर दिया है। सोमवार को उन्नाव के बांगरमऊ में सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली घेरकर इस ‘डिजिटल हमले’ के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी।
‘इंडियन स्टोरी’ पेज से शुरू हुआ नफरत का खेल
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह मामला सीधे एक महिला जनप्रतिनिधि और एक मासूम बच्ची की गरिमा से जुड़ा है। सपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, 27 अक्टूबर को ‘इंडियन स्टोरी’ (Indian Story) नामक एक फेसबुक आईडी से डिंपल यादव की आपत्तिजनक और एडिट की गई तस्वीरें पोस्ट की गईं। इसके बाद इस पोस्ट को साजिश के तहत वायरल किया गया ताकि अखिलेश यादव के परिवार की छवि को धूमिल किया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि इस फेसबुक आईडी पर केवल डिंपल यादव ही नहीं, बल्कि कई अन्य महिलाओं की निजता भंग करने वाली पोस्ट भी मौजूद हैं। सपा नेताओं का आरोप है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘आईटी सेल की साजिश’ है।
सपा का गुस्सा: “बेटी और बहू का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”
सोमवार शाम को समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय महासचिव संजीव त्रिवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का सैलाब बांगरमऊ कोतवाली पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और जुबान पर प्रशासन के खिलाफ गुस्सा। संजीव त्रिवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा, “डिंपल यादव सिर्फ अखिलेश जी की पत्नी नहीं, बल्कि लाखों लोगों की निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। उनके और उनकी बेटी अदिति के खिलाफ की गई टिप्पणी हर उस महिला का अपमान है जो समाज में सिर उठाकर जीना चाहती है।”
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के परिवारों को निशाना बनाकर लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की कि फेसबुक आईडी चलाने वाले ‘अदृश्य’ हाथों को बेनकाब किया जाए।
आईटी एक्ट के तहत सख्त FIR की मांग
संजीव त्रिवेदी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में केवल कागजी खानापूर्ति की गई, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ IT Act और महिलाओं के प्रति अपराध की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए किया जा रहा है। अगर ‘इंडियन स्टोरी’ जैसे पेजों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह अराजकता और बढ़ेगी। उन्होंने पुलिस से इन पोस्ट्स के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने और मुख्य अपराधी तक पहुंचने की गुहार लगाई है।
प्रशासन का रुख: जांच या लीपापोती?
बांगरमऊ कोतवाली पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से उक्त फेसबुक आईडी की जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तथ्यों की पुष्टि होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सपा नेता इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने कार्रवाई के लिए एक निश्चित समय सीमा की मांग की है।
निष्कर्ष: ट्रुथ इंडिया टाइम्स का विश्लेषण
राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन परिवार की महिलाओं और बच्चों को राजनीति के कीचड़ में घसीटना भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। डिंपल यादव और अदिति यादव के खिलाफ की गई पोस्ट न केवल निंदनीय है, बल्कि दंडनीय भी है। अब देखना यह है कि उन्नाव पुलिस सोशल मीडिया के इन ‘गुमनाम अपराधियों’ को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है।
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स (Truth India Times)
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