उन्नाव में आक्रोश की ज्वाला: ‘खून’ से लथपथ बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए सड़कों पर उतरा VHP-बजरंग दल, मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका; क्या खामोश रहेगा अंतरराष्ट्रीय मंच?

उन्नाव। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी कथित हिंसा और नरसंहार की गूँज अब उत्तर प्रदेश के उन्नाव की सड़कों पर सुनाई दे रही है। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गांधी नगर तिराहे पर जबरदस्त प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। हाथ में भगवा झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा के लिए भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की।

यह प्रदर्शन केवल एक नारेबाजी नहीं, बल्कि उन लाखों पीड़ितों की चीख है जिन्हें सरहद पार धर्म के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।

गांधी नगर तिराहे पर ‘अग्नि परीक्षा’: फूका गया बांग्लादेश सरकार का पुतला

सदर कोतवाली क्षेत्र के व्यस्ततम गांधी नगर तिराहे पर बुधवार को दोपहर बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने वहां के वर्तमान नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन किया। पुतला जलते ही पूरा क्षेत्र “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” और “बांग्लादेश सरकार मुर्दाबाद” के नारों से गूँज उठा।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही हिंदू समाज को सुनियोजित तरीके से खत्म करने की साजिश रची जा रही है।

“मंदिर टूटे, घर जले, अब और कितना सहें?”: VHP नेताओं की ललकार

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बांग्लादेश में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर कड़े सवाल उठाए। विहिप और बजरंग दल के नेताओं ने आरोप लगाया कि:

  • सुनियोजित हमले: बांग्लादेश में हिंदू समाज की जान, माल और संपत्ति पर लगातार हमले हो रहे हैं。
  • धार्मिक स्थलों का अपमान: वहां हिंदुओं के मंदिरों को तोड़ा जा रहा है और मूर्तियों को खंडित किया जा रहा है。
  • महिलाओं पर अत्याचार: हिंदू महिलाओं और बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिस पर वहां की सरकार मूकदर्शक बनी हुई है。
  • लूटपाट: अल्पसंख्यकों की संपत्तियों को सरेआम लूटा जा रहा है और उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है。

केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से तीखे सवाल

न्यूज़ वेब के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर सिस्टम और वैश्विक संगठनों को कटघरे में खड़ा किया है:

  1. कहाँ है मानवाधिकार आयोग? जब दुनिया के किसी अन्य कोने में हिंसा होती है तो शोर मचता है, लेकिन बांग्लादेशी हिंदुओं के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन खामोश क्यों हैं?
  2. भारत सरकार का रुख: प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह केवल ‘निंदा’ न करे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाकर बांग्लादेश सरकार पर कड़ा आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बनाए।
  3. सुरक्षा की गारंटी: क्या मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार वहां के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित नहीं हो चुकी है?

पुलिस की मुस्तैदी और सुरक्षा घेरा

सदर कोतवाली क्षेत्र में बढ़ते तनाव और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त बल तैनात किया ताकि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। हालांकि, कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल शुरुआत है; यदि अत्याचार नहीं रुके, तो आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा।

निष्कर्ष: क्या कूटनीति से बचेगा धर्म?

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले भारत के लिए भी एक बड़ी चुनौती हैं। उन्नाव में उमड़ा यह जनसैलाब यह बताने के लिए काफी है कि हिंदू समाज अब सरहद पार हो रही नाइंसाफी पर चुप बैठने वाला नहीं है। यह समय केवल पुतले फूंकने का नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का है ताकि ‘हिंदू’ शब्द बांग्लादेश में मौत का वारंट न बने।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading