“ये मुझे मार देंगे”: कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर फफक पड़ी उन्नाव पीड़िता; बोली- रेपिस्ट बाहर आ रहा और मेरे चाचा अब भी जेल में

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता ने एक बार फिर अपनी जान को खतरा बताया है। पूर्व भाजपा विधायक और उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर को अदालत से जमानत मिलने की खबरों के बीच पीड़िता का दर्द छलक उठा है। एक भावुक और रोंगटे खड़े कर देने वाले बयान में पीड़िता ने कहा कि उसे जिंदा रहने की सजा दी जा रही है। पीड़िता ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधी बाहर आ रहा है, जबकि उसका परिवार आज भी जेल की सलाखों के पीछे न्याय का इंतजार कर रहा है।

“मैं बच गई, शायद इसीलिए सजा भुगत रही हूँ”

पीड़िता ने दिल्ली और हाथरस की घटनाओं का जिक्र करते हुए न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “दिल्ली में निर्भया को मार दिया गया, हाथरस में पीड़िता को मार दिया गया। मैं बच गई, शायद यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। आज मुझे जिंदा रहते हुए सजा दी जा रही है।” पीड़िता का आरोप है कि कुलदीप सेंगर जैसा रसूखदार व्यक्ति अगर जेल से बाहर आता है, तो उसकी और उसके गवाहों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने डर जताते हुए कहा कि यह लोग बाहर आकर मेरे बचे हुए परिवार को भी खत्म कर देंगे।

चाचा की जेल और सेंगर की बेल: पीड़िता का दोहरा दर्द

पीड़िता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने मेरा जीवन बर्बाद किया, उसे जमानत मिल रही है, लेकिन मेरे चाचा आज भी जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि पीड़िता के चाचा कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं और लंबे समय से जेल में हैं। पीड़िता का कहना है कि उनके परिवार को कानूनी और सामाजिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया गया है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या रसूखदारों के लिए कानून अलग है? उन्होंने कहा, “रेपिस्ट बाहर आ रहा है और जो हमारे हक के लिए लड़े, उन्हें जेल में सड़ाया जा रहा है।”

इंसाफ की लड़ाई और हादसों का सिलसिला

उन्नाव कांड केवल एक दुष्कर्म का मामला नहीं था, बल्कि यह रसूख बनाम न्याय की एक लंबी और खूनी लड़ाई रही है। पीड़िता ने याद दिलाया कि कैसे इस केस के दौरान:

  • उसके पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई।
  • रायबरेली में एक संदिग्ध ट्रक हादसे में उसकी चाची और मौसी की जान चली गई।
  • पीड़िता खुद और उसके वकील उस हादसे में मरते-मरते बचे।

पीड़िता का कहना है कि इतने बलिदानों के बाद जो सजा सेंगर को मिली थी, जमानत मिलने से उस पूरे संघर्ष पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

सुरक्षा पर गहराते सवाल

पीड़िता फिलहाल सुरक्षा घेरे में रहती है, लेकिन उसका मानना है कि सेंगर का जेल से बाहर आना उसके लिए ‘डेथ वारंट’ जैसा है। उन्होंने प्रशासन और अदालत से गुहार लगाई है कि उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए और एक अपराधी के रसूख के आगे न्याय की मशाल को बुझने न दिया जाए।

क्या है पूरा मामला?

2017 में हुए इस कांड ने देशभर को हिलाकर रख दिया था। बांगरमऊ से तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक नाबालिग लड़की ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद सेंगर की विधायकी चली गई और उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। अब, पारिवारिक कारणों या अन्य कानूनी आधार पर उन्हें मिलने वाली अंतरिम राहत ने पीड़िता के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है।

सोशल मीडिया और जनमानस में उबाल

पीड़िता के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘Justice for Unnao Victim’ की मांग तेज हो गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या गवाहों और पीड़िता की सुरक्षा वास्तव में सरकार की प्राथमिकता है? विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों पर घेराबंदी शुरू कर दी है।

निष्कर्ष: न्याय की आस या डर का साया?

उन्नाव पीड़िता की चीख यह बताने के लिए काफी है कि एक आम लड़की के लिए रसूखदार अपराधियों के खिलाफ लड़ना कितना भयावह हो सकता है। जहाँ एक तरफ अपराधी कानूनी बारीकियों का फायदा उठाकर बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ न्याय की आस में बैठी एक बेटी को अपनी जान की भीख मांगनी पड़ रही है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन पीड़िता की इन आशंकाओं पर ध्यान देता है या एक बार फिर रसूख की जीत होगी।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading