ट्रक और ट्रैक्टर की भीषण टक्कर में दो टुकड़ों में बंटा वाहन
प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव (औरास): जिले के औरास थाना क्षेत्र में बुधवार को एक ऐसी हृदयविदारक सड़क दुर्घटना हुई, जिसे देखकर प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप गई। उन्नाव-संडीला मार्ग पर स्थित एक धर्म कांटे और पेट्रोल पंप के ठीक सामने तेज रफ्तार ट्रक और ट्रैक्टर के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि लोहे का बना मजबूत ट्रैक्टर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और दो हिस्सों में बंट गया।
यह हादसा न केवल सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहनों की कहानी बयां करता है, बल्कि सरकार और प्रशासन के उन दावों पर भी गंभीर सवालिया निशान लगाता है जो सड़क सुरक्षा के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने की बात करते हैं।
मंजर देख सहम गए लोग: दो हिस्सों में बंटा ट्रैक्टर
दुर्घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, ट्रक और ट्रैक्टर दोनों की गति इतनी अधिक थी कि ड्राइवरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर के बाद हुए धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर का इंजन और गियरबॉक्स टूटकर एक-दूसरे से कई फीट दूर जा गिरे। ट्रैक्टर का अगला हिस्सा पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया, जबकि ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
गनीमत रही कि जिस समय यह टक्कर हुई, उस समय आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं था, वरना यह घटना एक बड़े सामूहिक नरसंहार में बदल सकती थी। फिलहाल हादसे में घायल हुए लोगों की स्थिति को लेकर अधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन घटनास्थल की तस्वीरें किसी बड़े चमत्कार की ओर इशारा करती हैं कि कोई हताहत नहीं हुआ।
‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ के जरिए सरकार और PWD से तीखे सवाल
इस भीषण हादसे के बाद प्रशासन और सरकार की जवाबदेही तय होना अनिवार्य है। यहाँ कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब उन्नाव की जनता चाहती है:
- उन्नाव-संडीला मार्ग का डिजाइन दोष: क्या इस मार्ग पर ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान की गई है? औरास के पास जिस स्थान पर हादसा हुआ, क्या वहां गति अवरोधक (Speed Breakers) या चेतावनी बोर्ड लगे हैं?
- ओवरलोडिंग और रफ्तार पर लगाम कहाँ? जिले में रात और दिन के समय दौड़ने वाले भारी ट्रक अक्सर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं। परिवहन विभाग (RTO) और पुलिस केवल कागजों पर चेकिंग क्यों करती है?
- ट्रमा सेंटर की कमी: यदि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल होता, तो औरास क्षेत्र में क्या कोई ऐसी चिकित्सा सुविधा है जो ‘गोल्डन ऑवर’ में जान बचा सके? उन्नाव के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी आज भी एक कड़वी हकीकत है।
- सड़क किनारे अतिक्रमण: अक्सर पेट्रोल पंपों और धर्म कांटों के आसपास अवैध अतिक्रमण या गलत तरीके से खड़े वाहन विजिबिलिटी (दृश्यता) को कम कर देते हैं। क्या प्रशासन ने कभी इन स्थानों का सुरक्षा ऑडिट किया?
पुलिस की कार्रवाई और यातायात बहाली
हादसे की सूचना मिलते ही औरास पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला। पुलिस ने सबसे पहले बीच सड़क पर पड़े ट्रैक्टर के मलबे को क्रेन की मदद से हटवाया ताकि यातायात सुचारु हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है और जांच जारी है कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मानवीय लापरवाही (तेज रफ्तार) की वजह से।
स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश
हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकत्र हो गए। उनका कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पेट्रोल पंप और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास साइनेज बोर्ड लगाए जाएं और पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण पाया जा सके।
निष्कर्ष: केवल जांच नहीं, समाधान चाहिए
उन्नाव में हुआ यह सड़क हादसा एक चेतावनी है। हम अक्सर हादसों के बाद जांच की बात करते हैं, लेकिन असल जरूरत ‘निवारण’ की है। सरकार को सड़कों के चौड़ीकरण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन पर ध्यान देना होगा। औरास की यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो उन्नाव की सड़कें इसी तरह लहूलुहान होती रहेंगी।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स के लिए प्रलभ शरण चौधरी की रिपोर्ट।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.