‘ताजमहल’ फिल्म के को-प्रोड्यूसर इरशाद आलम की जमानत खारिज: कानपुर के कारोबारी से हड़पे 3.30 करोड़; कोर्ट ने माना गंभीर अपराध

कानपुर। करोड़ों की ठगी और रंगदारी के मामले में जेल में बंद फिल्म ‘ताजमहल’ के को-प्रोड्यूसर इरशाद आलम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कानपुर की अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 13) ने कारोबारी से 3.30 करोड़ रुपए हड़पने और रंगदारी मांगने के आरोपी इरशाद की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज दर्जनों मुकदमों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया।


क्या है पूरा मामला?

कानपुर के एक बड़े कारोबारी ने इरशाद आलम के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक, इरशाद आलम ने जमीन के सौदे के नाम पर कारोबारी को अपने झांसे में लिया और किस्तों में कुल 3.30 करोड़ रुपए वसूल लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई और कारोबारी ने अपने पैसे वापस मांगे, तो इरशाद ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।

कारोबारी का आरोप है कि पैसे वापस करने के बजाय इरशाद ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के लिए 60 लाख रुपए की अतिरिक्त रंगदारी भी मांगी।

कोर्ट में अभियोजन की दलीलें

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि इरशाद आलम कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह धोखाधड़ी का अभ्यस्त अपराधी है।

  • 12 मुकदमों का इतिहास: इरशाद के खिलाफ कानपुर और अन्य शहरों के अलग-अलग थानों में ठगी, धोखाधड़ी और धमकी देने के कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं।
  • रसूख का इस्तेमाल: आरोपी ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान (को-प्रोड्यूसर) का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने और उन्हें ठगने के लिए किया।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि यदि ऐसे आरोपी को जमानत दी गई, तो वह गवाहों को डरा-धमका सकता है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। इसी आधार पर उसकी अर्जी खारिज कर दी गई।

फिल्म मेकर की आड़ में ठगी का ‘कारोबार’

इरशाद आलम ने ‘ताजमहल’ जैसी फिल्मों के साथ जुड़कर ग्लैमर्स की दुनिया में अपनी पैठ बनाई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह इसी रसूख का फायदा उठाकर बड़े व्यापारियों और जमीन खरीदारों को निवेश के नाम पर फंसाता था। कानपुर के इस कारोबारी के साथ हुई ठगी की रकम इतनी बड़ी थी कि पुलिस ने इस मामले में जालसाजी के साथ-साथ रंगदारी की धाराएं भी जोड़ी थीं।

जेल में ही कटेगी रातें

जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब इरशाद आलम को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। पुलिस अब उन अन्य मामलों में भी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है जो उसके खिलाफ लंबित हैं। इस फैसले के बाद उन अन्य पीड़ितों में भी न्याय की उम्मीद जगी है, जो इरशाद की ठगी का शिकार हुए थे।

ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह

इस हाई-प्रोफाइल केस के बीच कानपुर पुलिस ने आम जनता और कारोबारियों से अपील की है कि किसी भी बड़े जमीन सौदे या फिल्म निवेश से पहले व्यक्ति की पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की गहन जांच करें। केवल ‘ग्लैमर’ या ऊंचे संपर्कों के आधार पर करोड़ों का लेनदेन करना जोखिम भरा हो सकता है।


मुख्य बिंदु:

  • आरोपी: इरशाद आलम (फिल्म को-प्रोड्यूसर)।
  • आरोप: 3.30 करोड़ की ठगी और 60 लाख की रंगदारी।
  • कोर्ट का फैसला: ADJ-13 कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की।
  • क्रिमिनल रिकॉर्ड: अलग-अलग थानों में कुल 12 मुकदमे दर्ज।

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