तिलक हॉल के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस में तीखी झड़प, नीतीश कुमार और संजय निषाद का पुतला छीनने पर हंगामा

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की और झड़प देखने को मिली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बयानों से आक्रोशित छात्र नेता जब पुतला फूंकने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुतला छीनने को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक खींचतान हुई, जिससे तिलक हॉल के बाहर का इलाका छावनी में तब्दील हो गया।


विरोध की वजह: नीतीश कुमार और संजय निषाद का बयान

NSUI के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक महिला का नकाब खींचकर अभद्रता की है, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। वहीं, यूपी के मंत्री डॉ. संजय निषाद द्वारा दिए गए विवादित बयानों को लेकर भी छात्रों में भारी गुस्सा था। इन दोनों नेताओं के विरोध में NSUI ने शनिवार को ‘पुतला दहन’ कार्यक्रम का एलान किया था।

तिलक हॉल से बड़ा चौराहा तक मार्च

दोपहर के वक्त भारी संख्या में NSUI कार्यकर्ता कांग्रेस के जिला मुख्यालय ‘तिलक हॉल’ पर एकत्रित हुए। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नीतीश कुमार और संजय निषाद का पुतला लेकर बड़ा चौराहा की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारी जैसे ही तिलक हॉल के गेट से बाहर निकले, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें घेर लिया।

पुतला छीनने पर बढ़ी तल्खी

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की कि बिना अनुमति पुतला दहन करना कानून व्यवस्था के खिलाफ है, लेकिन छात्र नेता पीछे हटने को तैयार नहीं थे। जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं के हाथों से पुतला छीनने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। पुलिस और छात्रों के बीच हुई इस धक्का-मुक्की में कई कार्यकर्ताओं के कपड़े तक खिंच गए। आखिरकार पुलिस ने बल प्रयोग कर पुतला अपने कब्जे में ले लिया।

“पुलिस प्रशासन हाय-हाय” के लगे नारे

पुतला छीने जाने से नाराज NSUI कार्यकर्ता वहीं सड़क पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन पुलिस सरकार के इशारे पर विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रही है।

NSUI के जिला नेतृत्व का बयान: “बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेता लगातार महिलाओं और पिछड़ों का अपमान कर रहे हैं। नीतीश कुमार की हरकत ने देश को शर्मसार किया है। जब हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, तो पुलिस ने गुंडों जैसा व्यवहार किया। हम डरने वाले नहीं हैं, यह आंदोलन जारी रहेगा।”

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हंगामे को देखते हुए एसीपी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। बड़ा चौराहा जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी ताकि प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य ट्रैफिक को बाधित न कर सकें। पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया, जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

शहर में बढ़ रहा है सियासी पारा

कानपुर में पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शनों का दौर जारी है। शनिवार को हुई इस झड़प ने शहर के सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। पुलिस का कहना है कि किसी को भी शहर की शांति व्यवस्था भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, वहीं कांग्रेस और उसके अनुषांगिक संगठन अब इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।


प्रदर्शन की मुख्य बातें:

  • संगठन: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI)।
  • निशाने पर: सीएम नीतीश कुमार (बिहार) और मंत्री संजय निषाद (यूपी)।
  • स्थान: तिलक हॉल से बड़ा चौराहा मार्ग, कानपुर।
  • पुलिस कार्रवाई: पुतला जब्त किया गया, कार्यकर्ताओं के साथ झड़प।

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