सिपाही ने पत्नी और मासूम बेटी को कुल्हाड़ी से काटा
(प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
बांदा : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ कानून के रखवाले ने ही कानून और इंसानियत की धज्जियां उड़ा दीं। मर्का कोतवाली में तैनात एक सिपाही ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी और महज 3 साल की इकलौती बेटी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस वीभत्स हमले में मासूम बच्ची की जान चली गई, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिपाही फरार हो गया है, जिसका मोबाइल नदी किनारे मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मेले से लौटते ही ‘कसाई’ बना खाकीधारी
यह पूरी हृदयविदारक घटना बांदा जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर मर्का कोतवाली क्षेत्र की है। मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला 35 वर्षीय सिपाही गौरव कुमार यादव यूपी 112 में ड्राइवर के पद पर तैनात है। गौरव पिछले डेढ़ साल से मर्का कोतवाली में अपनी सेवाएं दे रहा था और थाने से महज 250 मीटर की दूरी पर किराए के मकान में अपनी पत्नी शिवानी (32) और बेटी परी (3) के साथ रहता था।
बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व था। गौरव सुबह की शिफ्ट की ड्यूटी पूरी कर दोपहर में घर लौटा। त्योहार की खुशी में वह अपनी पत्नी और बेटी को मर्का में लगे स्थानीय मेले में घुमाने ले गया। शाम तक सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन रात करीब 9 बजे घर लौटते ही खुशियों भरा माहौल मातम में बदल गया।
विवाद, वार और चीख-पुकार: सिलसिलेवार घटनाक्रम
1. मामूली बात पर बढ़ा विवाद:
रात 9 बजे घर पहुँचने के बाद किसी बात को लेकर गौरव और उसकी पत्नी शिवानी के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गौरव ने अपना आपा खो दिया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और अपनी पत्नी पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
2. मासूम परी पर भी नहीं आया तरस:
जब मां को बचाने या शायद डर के मारे 3 साल की मासूम परी चिल्लाई, तो पत्थर दिल पिता ने उस पर भी रहम नहीं किया। गौरव ने कुल्हाड़ी से अपनी इकलौती बेटी परी पर भी वार किए। घर के अंदर से आ रही चीख-पुकार सुनकर जब तक पड़ोसी वहां पहुँचे, तब तक फर्श खून से लाल हो चुका था और गौरव वहां से भाग निकला था।
3. अस्पताल में मौत और रेफर का सिलसिला:
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को तुरंत बांदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने अथक प्रयास किए, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि 3 साल की मासूम परी ने दम तोड़ दिया। पत्नी शिवानी की गर्दन और शरीर पर गहरे घाव होने के कारण उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया है।
📊 वारदात का मुख्य विवरण (Crime Report)
| विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
| आरोपी सिपाही | गौरव कुमार यादव (35), पद- ड्राइवर, यूपी 112 |
| निवासी | मूल निवासी- फर्रुखाबाद, वर्तमान- बांदा |
| पीड़ित | पत्नी शिवानी (गंभीर घायल), बेटी परी (मृतक) |
| हथियार | कुल्हाड़ी (Axe) |
| वारदात का समय | बुधवार रात करीब 9:00 से 9:30 बजे |
| वर्तमान स्थिति | आरोपी फरार, मोबाइल नदी किनारे बरामद |
नदी किनारे मिला मोबाइल, सुसाइड की आशंका
वारदात को अंजाम देकर फरार हुए सिपाही गौरव की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। जांच के दौरान घर से करीब 400 मीटर दूर नदी के किनारे गौरव का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस को यह आशंका सता रही है कि ग्लानि या कानून के डर से गौरव ने नदी में कूदकर आत्महत्या न कर ली हो। गोताखोरों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही उसके अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही है।
पुलिस विभाग में शोक और रोष
एक पुलिसकर्मी द्वारा अपनी ही संतान की हत्या और पत्नी पर कातिलाना हमले की खबर ने पूरे विभाग को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पारिवारिक कलह का चरम रूप है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटा लिए हैं और कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया है।
प्रशासन का कहना है कि आरोपी चाहे विभाग का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी की नजरें अस्पताल में भर्ती शिवानी की सेहत और फरार गौरव की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।
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