कानपुर के बिधनू में लेखपाल ने खसरे के लिए मांगी रिश्वत, 500 लेते वीडियो वायरल, SDM ने दिए जांच के आदेश

कानपुर। सूबे की सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करती हो, लेकिन धरातल पर बैठे कुछ कर्मचारी सरकार की छवि को दागदार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा मामला कानपुर के बिधनू क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस वायरल वीडियो ने राजस्व विभाग की शुचिता और कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए सदर एसडीएम ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

खसरे के नाम पर ‘वसूली’ का खुला खेल

शुक्रवार दोपहर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसने कानपुर प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो कानपुर सदर तहसील क्षेत्र के कठारा गांव में तैनात लेखपाल मानिक लाल गुप्ता का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे सरकारी कलम के सिपाही अपनी जेब भरने के लिए एक लाचार किसान को मोहरा बना रहे हैं।

वीडियो के दृश्यों और उसमें हो रही बातचीत के अनुसार, लेखपाल मानिक गुप्ता एक किसान से उसका ‘खसरा’ तैयार करने के एवज में 2 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। भ्रष्टाचार की इस ‘डील’ के दौरान किसान और लेखपाल के बीच पैसों को लेकर काफी देर तक मोलभाव होता रहता है। इसी बीच, किसान अपनी मजबूरी बताते हुए लेखपाल के हाथ में 500 रुपए थमाता है, जिसे लेखपाल साहब बड़े इत्मीनान से स्वीकार कर लेते हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

वीडियो वायरल होने के बाद डिजिटल प्लेटफार्म्स पर लोगों ने राजस्व विभाग को जमकर आड़े हाथों लिया है। नेटिजन्स का कहना है कि लेखपाल स्तर पर होने वाला यह भ्रष्टाचार नया नहीं है, लेकिन कैमरे में कैद होने के बावजूद अगर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ‘सुविधा शुल्क’ के तहसील में कोई कागज आगे नहीं बढ़ता। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को टैग करते हुए लेखपाल के निलंबन और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन का रुख: जांच के घेरे में ‘साहब’

रिश्वत लेने का वीडियो जब सदर एसडीएम अनुभव सिंह के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से मामले की जांच शुरू करवा दी है। एसडीएम अनुभव सिंह ने मीडिया को बताया, “वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। राजस्व विभाग के किसी भी कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी लेखपाल के खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

हालांकि, ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, लेकिन वीडियो में दिख रहे चेहरे और संवाद भ्रष्टाचार की ओर साफ इशारा कर रहे हैं।

सिस्टम पर बड़े सवाल

यह घटना केवल 500 या 2000 रुपए की रिश्वत का मामला नहीं है, बल्कि यह उस मानसिकता का परिचय है जो गरीब किसान को उसके हक के कागज देने के लिए भी उसकी जेब काटने से गुरेज नहीं करती।

  • क्या डिजिटल इंडिया के दौर में भी एक खसरे के लिए किसान को रिश्वत देनी पड़ेगी?
  • क्या एसडीएम की जांच केवल खानापूर्ति बनकर रह जाएगी या मानिक लाल गुप्ता जैसे कर्मचारियों पर नकेल कसी जाएगी?

बिधनू क्षेत्र में इस समय यह वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है और हर कोई अब उस जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके आधार पर लेखपाल का भविष्य तय होना है।

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